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जयपुर में दीपावली के पटाखों का शोर और आतिशबाजी का धुआं भले ही कम हो गया हो, लेकिन शहर की हवा अब भी जहरीली बनी हुई है. प्रदूषण का स्तर खतरनाक स्तर पर है और चौथे दिन भी जयपुर रेड जोन में शामिल है. शहर के विभिन्न इलाकों में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) आज भी 200 से 250 के बीच दर्ज किया गया. औसतन जयपुर का AQI 214 रहा, जो कि “गंभीर” श्रेणी में आता है. विशेषज्ञों के अनुसार, यह स्तर स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक है.

स्वास्थ्य को कर रहे हैं प्रभावित

प्रदूषित हवा के कारण लोगों को आंखों में जलन, सांस लेने में कठिनाई, गले में खराश, और त्वचा में इचिंग जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है. हवा में मौजूद सूक्ष्म कण (PM2.5 और PM10) सामान्य से कई गुना ज्यादा हैं, जो फेफड़ों तक सीधे पहुंचकर स्वास्थ्य को प्रभावित कर रहे हैं.

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हवा की गुणवत्ता में नहीं हो पा रहा है सुधार

पर्यावरण विशेषज्ञों का कहना है कि जयपुर में दीपावली के दौरान भारी आतिशबाजी और बदलते मौसम ने प्रदूषण के स्तर को बढ़ाया. ठंडी हवाओं और नमी के कारण प्रदूषक तत्व नीचे जम गए हैं, जिससे हवा की गुणवत्ता में सुधार नहीं हो पा रहा है.

जयपुर वायु प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार, शहर का औसत AQI अभी “रेड ज़ोन” की सीमा में है, लेकिन अगर अगले 24 घंटे में हवा की गति बढ़ी और मौसम साफ हुआ, तो कल से इसे “ऑरेंज जोन” में लाया जा सकता है. प्रदूषण के असर से दोपहर के समय भी वातावरण में हल्की धुंध देखी जा रही है और विजिबिलिटी सामान्य से कम बनी हुई है.

एयर प्यूरीफायर का प्रयोग करने की अपील

स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों, विशेषकर बच्चों, बुजुर्गों और अस्थमा या हृदय रोगियों को कम से कम दो दिन तक घर के भीतर रहने की सलाह दी है. साथ ही, बाहर निकलने पर एन-95 मास्क का उपयोग करने और एयर प्यूरीफायर का प्रयोग करने की अपील की गई है.

जयपुर प्रशासन ने भी लोगों से अपील की है कि प्रदूषण नियंत्रण में सहयोग दें और वाहनों का कम उपयोग, कचरा न जलाने तथा हरियाली बढ़ाने जैसे कदम उठाए.