राजस्थान जेल विभाग का एक ऑर्डर चर्चा का विषय बना हुआ है, जिसमें राजस्थान जेल विभाग ने रमजान को मद्देनजर रखते हुए मुस्लिम कैदियों को इफ्तार और सहरी का खाना सीधे देने पर रोक लगा दी है. इससे पहले हर साल रमजान के महीने में मुस्लिम कैदियों को बाहर से इफ्तार और सेहरी की सामग्री उपलब्ध हो जाती थी. इस पर अब जेल प्रशासन ने ऑर्डर निकालकर रोक लगा दी है. इसके पीछे सुरक्षा व्यवस्था को बड़ा कारण बताया गया है.

Continues below advertisement

जेल परिसर में अब किसी तरह का खाना या सामान स्वीकार नहीं

जेल प्रशासन ने ये आदेश 17 फरवरी को जारी किया था. इसमें कहा गया है कि किसी भी तरह का बाहर से खाना या सामान अब जेल परिसर में स्वीकार नहीं किया जाएगा. यह नियम राजस्थान के ससभी सेंट्रल, डिस्ट्रिक्ट और सब-जेलों पर लागू होगा, जिसमें महिला सुधार गृह भी शामिल हैं. इस आदेश की पुष्टि करते हुए, डायरेक्टर जनरल (जेल) अशोक राठौर ने कहा कि यह फैसला लेना राज्य और जेल सुरक्षा के दृष्टिकोण से काफी आवश्यक था.

कांग्रेस विधायक ने की वापस लेने की अपील

कांग्रेस विधायक अमीन कागजी ने इस मामले को लेकर जेल डायरेक्टर जनरल अशोक राठौर से मुलाकात की और  इस ऑर्डर को वापस लेने की भी अपील की. उन्होंने कहा कि जेल में बंद मुस्लिम कैदियों को बाहर से इफ्तार और सेहरी सामग्री मिल सके, इसके लिए विधायक को आश्वासन दिया गया है. उन्हें आश्वासन में कहा गया है कि जेल प्रशासन कैदियों को किसी तरह की परेशानी नहीं देगी.

Continues below advertisement

स्थानीय मुस्लिम संगठनों ने इस फैसले पर चिंता भी व्यक्त की है. जमीत-उल-कुरैश के वाइस-प्रेसिडेंट ने कहा कि संगठनों द्वारा तैयार किए गए इफ्तार पैकेट्स में अक्सर विविधता होती है, जो अब जेल स्टोर से नहीं मिल पाएगी. उन्होंने कहा कि विभाग के नियमों के अनुसार आवश्यक न्यूट्रिशनल वैल्यू का प्रावधान नहीं किया जा सकता है.