राजस्थान के डूंगरपुर जिले के सागवाड़ा उपखंड क्षेत्र में अवैध बजरी खनन का कारोबार लगातार बढ़ता जा रहा है. सूरजगांव से गुजरने वाली मोरन नदी इन दिनों बजरी माफियाओं के निशाने पर है. स्थानीय लोगों का आरोप है कि हर रात नदी में भारी मशीनें उतरती हैं और खुलेआम बजरी का खनन किया जाता है.

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स्थानीय लोगों के मुताबिक, बजरी माफियाओं ने काम का पूरा समय तय कर रखा है. रोज शाम करीब 7 बजे से मोरन नदी में हिटाची, जेसीबी, ट्रैक्टर और डंपर उतरने लगते हैं. इसके बाद पूरी रात अवैध खनन चलता है और सुबह करीब 5 बजे तक बजरी को अलग-अलग जगहों पर पहुंचा दिया जाता है.

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भारी मशीनों से नदी को पहुंच रहा नुकसान

ग्रामीणों का कहना है कि बड़ी-बड़ी मशीनों से नदी का सीना लगातार खोदा जा रहा है. इससे नदी का प्राकृतिक स्वरूप बिगड़ रहा है और पर्यावरण को भी नुकसान पहुंच रहा है. लोगों का मानना है कि अगर इसी तरह खनन चलता रहा तो आने वाले समय में मोरन नदी का अस्तित्व खतरे में पड़ सकता है.

स्थानीय प्रशासन की चुप्पी पर उठ रहे सवाल

स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार शिकायतें करने के बावजूद माइनिंग विभाग और स्थानीय पुलिस की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई. ऐसे में लोगों के बीच यह चर्चा है कि आखिर इतने बड़े स्तर पर चल रहे इस कारोबार पर अब तक रोक क्यों नहीं लगाई गई.

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डूंगरपुर की मोरन नदी में हो रहे कथित अवैध बजरी खनन को लेकर इलाके में नाराजगी बढ़ रही है. लोगों का कहना है कि अगर समय रहते सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो पर्यावरण के साथ-साथ सरकारी राजस्व को भी बड़ा नुकसान होगा. अब सभी की नजर प्रशासन पर है कि खबर सामने आने के बाद जिम्मेदार विभाग कार्रवाई करते हैं या फिर यह अवैध कारोबार पहले की तरह चलता रहेगा.