राजस्थान के डूंगरपुर जिले में बढ़ते सड़क हादसों को देखते हुए जिला पुलिस अब पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रही है. जिला मुख्यालय स्थित विजया राजे सिंधिया सभागार में आयोजित सड़क सुरक्षा कार्यशाला में पुलिस अधिकारियों ने आम लोगों को जागरूक करने के साथ कई अहम बातें साझा कीं. कार्यक्रम में जिला पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार ने साफ कहा कि पुलिस का मकसद चालान काटना नहीं, बल्कि लोगों की जिंदगी बचाना है.

Continues below advertisement

कार्यशाला के दौरान एसपी मनीष कुमार ने ऐसे आंकड़े सामने रखे, जिन्होंने सभी को सोचने पर मजबूर कर दिया. उन्होंने बताया कि जिले में हत्या जैसी वारदातों से कहीं ज्यादा लोग सड़क हादसों में जान गंवा रहे हैं.

राजस्थान में रहने वाले सावधान! 1 जून को नहीं मिलेगा पेट्रोल-डीजल! हड़ताल का ऐलान

Continues below advertisement

एसपी के मुताबिक, हत्या के मामलों की तुलना में सड़क दुर्घटनाओं में करीब 10 गुना ज्यादा मौतें हो रही हैं. उन्होंने कहा कि अगर लोग ट्रैफिक नियमों का सही तरीके से पालन करें तो कई जिंदगियां बचाई जा सकती हैं.

शराब पीकर वाहन चलाने वालों पर खास नजर

इस कार्यक्रम में राज्य स्तरीय बाल संरक्षण सलाहकार सिंधु बिनुजीत भी शामिल हुईं. उन्होंने पुलिस की इस पहल को बेहद जरूरी और सराहनीय बताया. साथ ही शराब विक्रेताओं, वाहन डीलर्स और मैकेनिकों से अपील की कि वे भी सड़क सुरक्षा अभियान का हिस्सा बनें.

उन्होंने खासतौर पर शराब दुकानदारों से कहा कि अगर कोई युवक शराब पीकर वाहन चलाने की स्थिति में दिखे तो उसे रोकने की कोशिश करें, ताकि किसी निर्दोष की जान खतरे में न पड़े.

Jaipur News : 'बकरीद पर कुर्बानी गलत परंपरा, सड़क पर नमाज हो बैन', VHP ने सरकार से की मांग

जागरूकता बढ़ाने के लिए पोस्टर जारी

कार्यशाला के दौरान सड़क सुरक्षा को लेकर विशेष जागरूकता पोस्टरों का विमोचन भी किया गया. पुलिस का कहना है कि आने वाले समय में अलग-अलग विभागों के साथ मिलकर सड़क हादसों को कम करने के लिए लगातार अभियान चलाया जाएगा.

पुलिस अधिकारियों ने लोगों से अपील की कि हेलमेट पहनें, सीट बेल्ट लगाएं और शराब पीकर वाहन चलाने से बचें. उनका कहना है कि थोड़ी सी सावधानी किसी की जिंदगी बचा सकती है.