डूंगरपुर पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है. दोवड़ा थाना पुलिस ने 9 साल से फरार चल रहे कुख्यात डकैत परतेश मईड़ा को गुजरात के सूरत से गिरफ्तार किया है. आरोपी लंबे समय से पुलिस की गिरफ्त से बाहर था और उस पर कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज थे. उसे पकड़ने के लिए पुलिस ने खास रणनीति अपनाई और ‘मजदूर’ बनकर जाल बिछाया.

परतेश मैड़ा कलिंजरा थाना क्षेत्र का हिस्ट्रीशीटर भी है और उस पर इनाम घोषित था. इस गिरफ्तारी को पुलिस की बड़ी सफलता माना जा रहा है, जिससे क्षेत्र में अपराध पर लगाम लगाने में मदद मिलेगी.

क्या है पूरा मामला

जानकारी के अनुसार, उदयपुर रेंज आईजी के निर्देश पर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे 'ऑपरेशन सुदर्शन चक्र' के तहत डूंगरपुर जिला पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई. परतेश मैड़ा साल 2017 से पुलिस की आंखों में धूल झोंक रहा था. मामला 17 अगस्त 2017 का है, जब पुलिस को सूचना मिली थी कि बांसवाड़ा, डूंगरपुर और उदयपुर के कुख्यात नकबजन और लुटेरे गड़ा कुमारिया में एक पेट्रोल पंप पर डकैती की योजना बना रहे हैं. उस समय पुलिस ने घेराबंदी कर चार आरोपियों को हथियारों के साथ गिरफ्तार किया था, लेकिन परतेश अंधेरे का फायदा उठाकर जंगल के रास्ते भागने में सफल रहा था. आरोपी को पकड़ने के लिए पुलिस ने एक फिल्मी जाल बिछाया.

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मजदूर का भेष धारण कर सूरत से आरोपी को किया गिरफ्तार

वहीं, आसपुर पुलिस उपाधीक्षक प्रभुलाल के अनुसार, पुलिस को सूचना मिली थी कि आरोपी गुजरात के सूरत में छिपकर रह रहा है. पुलिस टीम ने वहां पहुंचकर करीब 2-3 दिनों तक मजदूर का भेष धारण किया और आरोपी की टोह ली. जैसे ही आरोपी की पहचान पुख्ता हुई, साइबर सेल की मदद से उसे गिरफ्तार कर लिया गया. पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर रही है ताकि उसके अन्य साथियों और अन्य वारदातों के बारे में जानकारी जुटाई जा सके. डूंगरपुर पुलिस की इस सूझबूझ भरी कार्रवाई की इलाके में काफी चर्चा हो रही है.

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