राजस्थान के डूंगरपुर जिले में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने मंगलवार (5 मई) को बड़ी कार्रवाई करते हुए साइबर थाने में तैनात एक ASI और उसके लिए दलाली कर रहे पूर्व पार्षद को रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ लिया. शहर के बीचों-बीच हुई इस कार्रवाई के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया. ACB ने दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है.

Continues below advertisement

डूंगरपुर ACB चौकी प्रभारी रतनसिंह राजपुरोहित ने बताया कि एक व्यक्ति ने शिकायत दी थी. शिकायत में कहा गया कि साइबर थाने में तैनात ASI मदनलाल एक पुराने साइबर फ्रॉड मामले में उसकी बेटी और दामाद का नाम हटाने और मदद करने के बदले 2 लाख रुपये मांग रहा था.

Rajasthan: SC के फैसले के बाद SI भर्ती रद्द, 859 चयनितों पर नौकरी जाने का खतरा, अभ्यर्थी बोले- 'नार्को टेस्ट करा लो'

Continues below advertisement

आरोप है कि यह पूरा सौदा पूर्व पार्षद दयालाल पाटीदार के जरिए तय कराया जा रहा था. शिकायत मिलने के बाद ACB ने मामले की गोपनीय जांच शुरू की और रिश्वत मांगने की बात सही पाई गई.

पहली किस्त लेते ही दबोचे गए आरोपी

जांच के दौरान रिश्वत की पहली किस्त के तौर पर 1 लाख रुपये देने की बात तय हुई. मंगलवार को जैसे ही परिवादी ने तय रकम आरोपियों को सौंपी, पहले से जाल बिछाकर बैठी ACB टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए ASI मदनलाल और पूर्व पार्षद दयालाल पाटीदार को रंगे हाथों पकड़ लिया.

कार्रवाई इतनी तेजी से हुई कि आसपास मौजूद लोग भी कुछ देर के लिए हैरान रह गए. इसके बाद दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी गई.

4 महीने पहले ही बना था ASI

मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि आरोपी मदनलाल का करीब 4 महीने पहले ही हेड कांस्टेबल से ASI पद पर प्रमोशन हुआ था. प्रमोशन के बाद भी वह साइबर सेल में ही तैनात था.

अब ACB टीम उसके घर और अन्य ठिकानों की भी जांच कर रही है. अधिकारियों का कहना है कि यह पता लगाया जा रहा है कि कहीं इस तरह के और मामले तो सामने नहीं आए हैं.

राजस्थान AGTF की बड़ी कार्रवाई, गैंगस्टर चन्द्रप्रकाश शर्मा गिरफ्तार, पंजाब फायरिंग केस में था फरार

इस कार्रवाई के बाद डूंगरपुर पुलिस विभाग और प्रशासनिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है. ACB अधिकारियों का कहना है कि भ्रष्टाचार करने वालों के खिलाफ आगे भी इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी.