धौलपुर: 40 हजार रुपये और 6 यूनिट ब्लड लिया, अवैध अस्पताल में डिलीवरी के दौरान महिला की मौत
Dholpur News In Hindi: धौलपुर के फर्जी अस्पताल में डिलीवरी के दौरान महिला की मौत हो गई. पति का आरोप है कि 40 हजार और 6 यूनिट खून लिया. जिला कलेक्टर निधि बीटी ने अस्पताल किया सीज करवा दिया है.

राजस्थान के धौलपुर से चिकित्सा व्यवस्था की पोल खोलने वाली एक बेहद दर्दनाक और चौंकाने वाली घटना सामने आई है. शहर के कोतवाली थाना क्षेत्र (एवीएम स्कूल के पास) में बिना रजिस्ट्रेशन के धड़ल्ले से चल रहे फर्जी अस्पताल में डिलीवरी के दौरान एक प्रसूता की मौत हो गई.
घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल में जमकर हंगामा किया, जिसके बाद जिला प्रशासन ने सख्त एक्शन लेते हुए इस अवैध अस्पताल को सीज कर दिया है.
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के अनुसार, विगत शुक्रवार को एक गर्भवती महिला को डिलीवरी के लिए इस निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था. डिलीवरी के बाद अचानक महिला की तबीयत बिगड़ने लगी और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. मौत की खबर सुनते ही परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने डॉक्टरों व स्टाफ पर घोर लापरवाही का आरोप लगाते हुए अस्पताल परिसर में हंगामा शुरू कर दिया.
पति बोला 40 हजार ऐंठे, 6 बोतल खून मंगाया, फिर भी मार डाला
मृतका के पति ओमप्रकाश ने रोते हुए अस्पताल की खौफनाक सच्चाई बयां की, ''मैंने 13 तारीख को पत्नी को यहाँ भर्ती कराया था. स्टाफ ने मुझसे पहले 40 हजार रुपये जमा करवा लिए. इसके बाद मुझसे एक-एक करके 6 यूनिट खून (Blood) की बोतलें मंगवाई गईं. रात करीब 8 बजे ऑपरेशन किया गया और आज सुबह डॉक्टर व स्टाफ की घोर लापरवाही से मेरी पत्नी की जान चली गई."
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हंगामे की सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस, जिला कलेक्टर निधि बीटी और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) मौके पर पहुंचे. जिला कलेक्टर ने मौके पर ही जांच की, जिसमें सामने आया कि अस्पताल पूरी तरह से फर्जी है और बिना रजिस्ट्रेशन के अवैध रूप से चल रहा है.
कलेक्टर ने CMHO को तत्काल प्रभाव से अस्पताल को सीज करने के सख्त निर्देश दिए. अस्पताल में भर्ती 3 अन्य मरीजों (जिनका ऑपरेशन हुआ था) की जान बचाने के लिए उन्हें तुरंत दूसरे सुरक्षित अस्पताल में शिफ्ट किया गया. पुलिस ने शव को मोर्चरी में रखवाकर आगे की कानूनी जांच शुरू कर दी है.
CMHO का चौंकाने वाला खुलासा
CMHO धर्म सिंह मीणा ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि डॉक्टरों ने पैसों के लालच में बड़ी लापरवाही की है:
- खून की भारी कमी: प्रसूता का हीमोग्लोबिन मात्र 4 पॉइंट के आसपास था. इतने कम खून में ब्लड ट्रांसफ्यूजन कर ऑपरेशन करना प्रथम दृष्टया बड़ी लापरवाही है.
- पुराना है आपराधिक रिकॉर्ड: इस अस्पताल का पहले भी कोई रजिस्ट्रेशन नहीं था. स्वास्थ्य विभाग ने इसे पहले भी फर्जी करार देकर निहालगंज थाने में FIR दर्ज कराई थी और पुलिस चालान भी पेश कर चुकी है.
CMHO ने स्पष्ट किया कि मरीजों की जान से खेलने वाले इस अस्पताल को सीज कर कड़ी से कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
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