अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर चलाए जा रहे 'छात्रों की गूंज' अभियान के तहत शनिवार को कोटा में कांग्रेस ने जोरदार प्रदर्शन किया. बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता अलग-अलग स्थानों से रैली के रूप में कलेक्ट्रेट पहुंचे और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए छात्रों से जुड़े मुद्दों पर विरोध जताया. कलेक्ट्रेट गेट पर प्रदर्शन के दौरान उस समय माहौल गरमा गया, जब कुछ कार्यकर्ताओं ने बैरिकेड्स पर चढ़कर आगे बढ़ने की कोशिश की. पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया. इस दौरान पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच हल्की झड़प भी हुई.
प्रदर्शन से पहले कांग्रेस कार्यकर्ता अलग-अलग स्थानों से रैली लेकर निकले. पूर्व विधायक प्रहलाद गुंजल अपने समर्थकों के साथ उम्मेद सिंह स्टेडियम के सामने से रवाना हुए, जबकि शहर और देहात कांग्रेस के कार्यकर्ता लाडपुरा पंचायत समिति के बाहर एकत्र हुए. विधायक शांति धारीवाल कलेक्ट्रेट चौराहे से रैली में शामिल हुए. इसके बाद सभी रैलियां कलेक्ट्रेट पहुंचीं.
कलेक्ट्रेट गेट पर आयोजित सभा को कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं और पदाधिकारियों ने संबोधित किया. सभा के बाद कांग्रेस नेताओं ने एडीएम सिटी को ज्ञापन सौंपकर छात्रों से जुड़े मुद्दों पर सरकार से जवाबदेही तय करने की मांग की.
मंच से नेताओं ने सरकार पर साधा निशाना
सभा को संबोधित करते हुए विधायक शांति धारीवाल ने कहा कि कांग्रेस ने छात्रों के पक्ष में एक अलग तरह का आंदोलन शुरू किया है और इसमें अधिक से अधिक लोगों को जोड़कर सरकार पर दबाव बनाया जाना चाहिए. उन्होंने सरकार पर छात्रों के खिलाफ कार्रवाई का आरोप लगाते हुए निशाना साधा.
पूर्व विधायक प्रहलाद गुंजल ने केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि देश के नौजवानों को हल्के में लेने का खामियाजा सत्ता को भुगतना पड़ेगा. उन्होंने कहा कि जब देश का युवा अनुशासन में रहता है तो वह शांत रहता है, लेकिन जब वह व्यवस्था के खिलाफ सड़क पर उतरता है तो बड़ा आंदोलन खड़ा हो सकता है.
विधायक अशोक चांदना ने सरकार पर पेपर लीक, चंदे और वोट से जुड़े मुद्दों को लेकर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि यदि चौकीदार के रहते चोरी हो रही है तो जवाबदेही भी तय होनी चाहिए. उन्होंने केंद्र सरकार के शीर्ष नेतृत्व पर भी राजनीतिक हमला बोला.
विधायक चेतन पटेल ने सरकार की जवाबदेही पर सवाल उठाते हुए कहा कि लोकतंत्र में जनता, सदन और मीडिया के सवालों का जवाब देना सरकार की जिम्मेदारी है. हर मुद्दे पर सोशल मीडिया के माध्यम से जवाब देने के बजाय सरकार को लोकतांत्रिक संस्थाओं के प्रति जवाबदेह होना चाहिए.
प्रदर्शन में दिखी गुटबाजी
कांग्रेस के इस प्रदर्शन में पार्टी के भीतर चल रही गुटबाजी की झलक भी देखने को मिली. कार्यकर्ता दो अलग-अलग स्थानों से रैली के रूप में निकले और बाद में कलेक्ट्रेट पर एकत्र हुए. मंचीय गतिविधियों के दौरान भी नेताओं के बीच दूरी नजर आई. प्रदर्शन के दौरान प्रहलाद गुंजल कुछ समय बाद मंच छोड़कर चले गए, जिसके बाद राजनीतिक हलकों में चर्चाएं शुरू हो गईं.
प्रदर्शन में प्रदेश कांग्रेस महासचिव एवं कोटा प्रभारी पुष्पेंद्र भारद्वाज, गुजरात प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कार्यकारी अध्यक्ष एवं अभियान के कोटा संयोजक जिग्नेश मेवानी, विधायक शांति धारीवाल, विधायक अशोक चांदना, विधायक चेतन पटेल, पूर्व विधायक प्रहलाद गुंजल, शहर कांग्रेस अध्यक्ष राखी गौतम, देहात कांग्रेस अध्यक्ष भानु प्रताप, कांग्रेस नेता नईमुद्दीन गुड्डू, अमित धारीवाल सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे.
कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन के दौरान बैरिकेड्स के आगे बढ़ने की कोशिश और वाटर कैनन के इस्तेमाल से कुछ समय के लिए माहौल तनावपूर्ण रहा. पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को बैरिकेड्स के पीछे रोककर स्थिति को नियंत्रित किया.
