राजस्थान के बालोतरा के पचपदरा में निर्माणाधीन रिफाइनरी में लगी आग और प्रधानमंत्री के दौरे से पहले सुरक्षा में हुई चूक सवालों के घेरे में हैं. विभिन्न मीडिया चैनलों समेत सोशल मीडिया मंचो तक पर इसपर सवाल उठ रहे हैं. अब इसपर बाड़मेर-जैसलमेर क्षेत्र से सांसद और कांग्रेस नेता उमेदराम बेनीवाल ने एक्स पर ट्वीट कर सरकार और प्रशासन पर गंभीर सवाल उठाएं हैं और पूछा है कि अभी तक इस मामले में कोई ठोस कार्रवाई क्यों नहीं की गई. 

Continues below advertisement

बेनीवाल ने पचपदरा रिफाइनरी में हुई आगजनी की घटना पर कहा कि विश्व स्तरीय अत्याधुनिक तकनीक वाली HPCL रिफाइनरी में प्रधानमंत्री मोदी के 21 अप्रैल 2026 को प्रस्तावित दौरे से मात्र 20 घंटे पहले 20 अप्रैल को मुख्य प्रोसेसिंग CDU-VDU यूनिट में आग लग जाना अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की छवि और पीएम की सुरक्षा में चूक है और ये बड़ी लापरवाही को दर्शाता है. 

 

Continues below advertisement

क्या है पूरा मामला?

20 अप्रैल  को पचपदरा स्थित HPCL रिफाइनरी की मुख्य प्रोसेसिंग यूनिट CDU-VDU में आग लग गई थी. इससे एक दिन बाद यानि 21 अप्रैल को  प्रधानमंत्री प्रस्तावित दौरे के लिए यहां आने वाले थे, लेकिन 20 अप्रैल की शाम को ही आग लगने की घटना के बाद आधिकारिक रूप से प्रधानमंत्री का कार्यक्रम स्थगित कर दिया गया.  इस घटना के बाद रिफाइनरी परिसर और आसपास के सुरक्षा प्रबंधन सवालों के घेरे में आ गए. शुरुआती जांच और प्रशासनिक कार्रवाई में केवल एक स्थानीय पुलिस अधिकारी को निलंबित  किया गया, लेकिन अन्य स्तर पर हुई लापरवाही की कोई जवाबदेही तय नहीं की गई.  अब इसी मुद्दे को बेनिवाल ने उठाया है. 

https://x.com/UmmedaRamBaytu/status/2047212821918990531

चार दिन बाद भी किसी पर स्पष्ट जवाबदेही तय नहीं

सांसद उमेदराम बेनीवाल ने ट्वीट कर सवाल किया कि इतनी बड़ी घटना के बावजूद चार दिन बाद भी किसी पर स्पष्ट जवाबदेही तय नहीं की गई. केवल पचपदरा थानाधिकारी, CI अचलाराम ढाका को निलंबित किया गया है. क्या इतनी गंभीर घटना पर यही जवाबदेही तय होती है? बेनीवाल ने आगे इस घटना की टाइमिंग पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि 20 अप्रैल 2026 को शाम 7 बजे एक युवक ने सभास्थल के पांडाल में वीआईपी मूवमेंट क्षेत्र, मंच और डी-ब्लॉक के पास जाकर वीडियो बनाया था, लेकिन उससे पहले शाम 5 बजे पेट्रोलियम मंत्रालय ने X पर प्रधानमंत्री के कार्यक्रम के स्थगित होने की घोषणा कर दी थी. इसके तुरंत बाद 6 बजकर 50 मिनट पर मुख्यमंत्री  भजनलाल शर्मा ने भी कार्यक्रम रद्द/स्थगित होने की सूचना जारी कर दी थी.

उन्होंने आगजनी की घटना को लेकर शासन और सुरक्षा एजेंसियों की संवेदनशीलता पर भी संशय व्यक्त किया. उन्होंने कहा कि जब कार्यक्रम पहले ही रद्द हो चुका था, तब खाली मंच पर किसी युवक द्वारा वीडियो बना लेना 'प्रधानमंत्री की सुरक्षा में चूक' मानकर SHO को निलंबित करना क्या न्यायसंगत है? क्या PM और CM के दौरे की सुरक्षा व्यवस्था का जिम्मा सिर्फ एक थानेदार पर होता है? जबकि तथ्य यह है कि प्रधानमंत्री की सुरक्षा की जिम्मेदारी SPG और उच्चाधिकारियों के अधीन होती है.

सुरक्षा व्यवस्था पर उठाए  सवाल

बेनीवाल ने पूछा कि रिफाइनरी के अंदर हुई आगजनी की घटना क्या सुरक्षा तंत्र की लापरवाही, प्रबंधन की तकनीकी खामियों और संभावित भ्रष्टाचार को भी उजागर नहीं करती हैं? इस दिशा में अब तक कोई ठोस कार्रवाई क्यों नहीं हुई? उन्होंने कहा कि इस मामले में  चार दिन बाद भी जवाबदेही तय करने के बजाय लीपापोती क्यों की जा रही है? यह गंभीर संदेह उत्पन्न करता है कि आखिर किसे बचाने का प्रयास किया जा रहा है?

इस दौरान बेनीवाल ने 25 सितंबर 2025 को बांसवाड़ा जिले के नापला गांव में पीएम मोदी के दौरे का भी जिक्र किया और कहा कि लापरवाही के लिए उस समय सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग (DOIT) की एक IAS अधिकारी को उसी दिन तत्काल APO कर दिया गया था. उन्होंने कहा कि जिस तरह इस मामले में कार्रवाई हुई वो तत्परता पचपदरा रिफाइनरी वाले मामले में नहीं दिखाई दे रही है.  उनहोंने लिखा कि क्या बांसवाड़ा की तकनीकी खराबी, रिफाइनरी में हुए करोड़ों के नुकसान से भी अधिक गंभीर थी, जिस पर तत्काल कार्रवाई हुई?

प्रधानमंत्री मोदी का राजस्थान दौरा रद्द, पचपदरा रिफाइनरी में आग की वजह से स्थगित हुआ लोकार्पण