राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत ने राजस्थान की भजनलाल शर्मा सरकार पर कटाक्ष करते हुए आरोप लगाया कि राज्य में 'कुशासन' का माहौल है. इसके साथ ही पूर्व मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि राज्य में अगली सरकार कांग्रेस की बनेगी. अपने आवास पर मीडिया से बातचीत में गहलोत ने कहा, 'राजस्थान में जो सरकार चल रही है उसकी चर्चा हर घर में, हर गांव में है. अगर कुशासन की ऐसी ही स्थिति बनी रही तो नुकसान जनता को है.'
'आप सुशासन दो, 'पांच साल राज करो, हमें एतराज नहीं'- गहलोत
गहलोत ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से जनता को सुशासन देने की अपील की. उन्होंने कहा, 'हम चाहते हैं कि आप सुशासन दो, 'पांच साल राज करो, हमें एतराज नहीं'. अगली बार तो हमारा सत्ता में आना निश्चित है. हम जानते हैं कि सरकार कांग्रेस की बनेगी, पर कम से कम पांच साल जनता के काम होने चाहिए.'
पेपर लीक रोधी कानून में संशोधन करने वाले विधेयक के लोकसभा से पारित होने पर पूर्व मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा, 'ये विधेयक तो केंद्र सरकार के लिए ‘फेस सेविंग’ वाली बात है. जो वादा किया था उसको निभाना था. मैं समझता हूं कि अगर वे विपक्षी दलों से सलाह करके लाते तो और अच्छा विधेयक ला सकते थे.'
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पूर्व मंत्री महेन्द्रजीत सिंह मालवीय ने की गहलोत के साथ बैठक
इस बीच, पूर्व मंत्री महेन्द्रजीत सिंह मालवीय ने आदिवासी समाज के प्रतिनिधिमंडल के साथ गहलोत से मुलाकात की. गहलोत ने कहा कि कांग्रेस और आदिवासी समाज का रिश्ता आजादी की लड़ाई से लेकर आज तक बेहद मजबूत और आत्मीय रहा है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस सदैव आदिवासी समाज के हक और सम्मान के लिए संघर्षरत रही है और आगे भी रहेगी.
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि नीति आयोग के सूचकांक ने बीजेपी सरकार के दावों और प्रदेश की जमीनी हकीकत के बीच अंतर को उजागर कर दिया है. उन्होंने दावा किया कि वित्तीय स्थिति, संस्थागत माहौल और कारोबारी पारिस्थितिकी तंत्र से जुड़े प्रमुख संकेतकों में राजस्थान की स्थिति कमजोर हुई है.
वित्तीय स्थिति के मामले में राजस्थान 17 राज्यों में 15वें स्थान पर
गहलोत ने यह भी कहा कि वित्तीय स्थिति के मामले में राजस्थान 17 राज्यों में 15वें स्थान, संस्थागत माहौल में 13वें स्थान और कारोबारी माहौल एवं बुनियादी ढांचे के मामले में 12वें स्थान पर है. उन्होंने दावा किया कि प्रदेश का निर्यात वर्ष 2023-24 में 10.11 अरब डॉलर से घटकर 2024-25 में 7.17 अरब डॉलर रह गया. गहलोत ने कहा कि उनके नेतृत्व वाली पिछली कांग्रेस सरकार ने उद्योग और कारोबार को बढ़ावा देने के लिए एमएसएमई अधिनियम, 2019 तथा राजस्थान निवेश प्रोत्साहन योजना (रिप्स) 2019 और 2022 लागू की थी. 'उस आधार को आगे बढ़ाने के बजाय मौजूदा बीजेपी सरकार ने निवेश प्रोत्साहन को केवल प्रचार और आयोजनों तक सीमित कर दिया है.
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