राजस्थान: जाजोद की बेटियों को मिला बड़ा तोहफा, CM के आदेश से स्कूल में शुरू हुआ विज्ञान फैकल्टी
Rajasthan News: सीकर के जाजोद गांव की छात्राओं ने सीएम भजनलाल शर्मा से स्कूल में विज्ञान संकाय शुरू करने की मांग की. CM ने उसी रात अधिकारियों को निर्देश दिए और सुबह होते ही आदेश जारी हो गए.

राजस्थान के सीकर जिले के खंडेला ब्लॉक के जाजोद गांव में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की रात्रि चौपाल के दौरान एक ऐसा दृश्य देखने को मिला, जिसने गांव की बेटियों के चेहरे पर मुस्कान ला दी. गांव की छात्राओं ने मुख्यमंत्री के सामने अपने स्कूल में विज्ञान संकाय शुरू करने की मांग रखी थी और कुछ ही घंटों में उनकी यह मांग पूरी भी हो गई.
गुरुवार (7 मई) रात आयोजित रात्रि चौपाल में जाजोद गांव की कई छात्राएं मुख्यमंत्री से मिलने पहुंचीं. छात्राओं ने बताया कि राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय जाजोद में विज्ञान संकाय नहीं होने की वजह से उन्हें काफी परेशानी उठानी पड़ रही है. कई छात्राओं को मजबूरी में दूसरे विषय चुनने पड़ते हैं, जबकि कुछ को विज्ञान की पढ़ाई के लिए दूर-दराज के स्कूलों में जाना पड़ता है.
भरतपुर में शादी के बीच 15 लाख के गहनों से भरा बैग चोरी, डेढ़ घंटे रेकी कर दिया वारदात को अंजाम
मुख्यमंत्री ने तुरंत अधिकारियों को दिए निर्देश
छात्राओं की बात सुनने के बाद मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मौके पर ही शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्कूल में विज्ञान संकाय शुरू करने की प्रक्रिया तुरंत पूरी की जाए. मुख्यमंत्री ने छात्राओं को भरोसा दिलाया कि उनकी पढ़ाई में किसी तरह की रुकावट नहीं आने दी जाएगी.
शुक्रवार (8 मई) सुबह जब छात्राएं स्कूल जाने के दौरान दोबारा मुख्यमंत्री से मिलीं, तब उन्हें बड़ी खुशखबरी मिली. मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार की ओर से जाजोद स्कूल में विज्ञान संकाय शुरू करने के आदेश जारी कर दिए गए हैं. अब छात्राएं इसी सत्र से गणित और जीव विज्ञान में अपनी पसंद के विषय चुनकर पढ़ाई कर सकेंगी.
अजमेर दरगाह मामले में अदालत का बड़ा फैसला, पक्षकार बनाए जाने को मंजूरी, 22 जुलाई को अगली सुनवाई
बच्चियों ने जताई खुशी
मुख्यमंत्री से यह खबर सुनते ही छात्राओं के चेहरे खिल उठे. बच्चियों ने मुख्यमंत्री का धन्यवाद करते हुए कहा कि उन्हें उम्मीद तो थी, लेकिन इतनी जल्दी फैसला हो जाएगा, यह उन्होंने नहीं सोचा था. गांव के लोगों ने भी इस फैसले को बेटियों की शिक्षा के लिए बड़ा कदम बताया है.
स्थानीय लोगों का कहना है कि इससे गांव की बेटियों को अब पढ़ाई के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा और विज्ञान शिक्षा का सपना गांव में ही पूरा हो सकेगा.


























