Rajasthan News: प्रसूताओं की मौत पर भजनलाल सरकार सख्त, कोटा मेडिकल कॉलेज के कई डॉक्टर-नर्स सस्पेंड
Rajasthan News In Hindi: कोटा के न्यू मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में सिजेरियन ऑपरेशन के बाद प्रसूताओं की मौत और तबीयत बिगड़ने के मामले में सीएम ने डॉक्टर्स और नर्सिंग के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है.

राजस्थान के कोटा के न्यू मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में सिजेरियन ऑपरेशन के बाद प्रसूताओं की मौत और कई महिलाओं की तबीयत बिगड़ने के मामले में राज्य की भजनलाल शर्मा सरकार अब एक्शन में नजर आने लगी है. सरकार ने शुरुआती जांच में दोषी और लापरवाह पाए गए डॉक्टर्स और नर्सिंग कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है. इसके तहत एक डॉक्टर की सेवा समाप्त कर दी गई है. कई को सस्पेंड किया गया है, जबकि कुछ को नोटिस जारी किया गया है.
सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए इन लोगों को किया सस्पेंड
सबसे बड़ी कार्रवाई में जनरल सर्जरी विभाग के सह आचार्य डॉ. नवनीत कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है. यूटीबी पर कार्यरत सहायक आचार्य डॉ. श्रद्धा उपाध्याय को सेवा से बर्खास्त किया गया है. ड्यूटी पर तैनात सीनियर नर्सिंग अधिकारी गुरजौत कौर और नर्सिंग अधिकारी निमेश वर्मा को भी सस्पेंड कर उन्हें मुख्यालय जयपुर से अटैच्ड कर दिया गया है.
इसके साथ ही स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग के यूनिट हेड डॉ. बीएल पटीदार और डॉ. नेहा सीहरा को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब तलब किया गया है. नोटिस में ऑपरेशन उपरांत मॉनिटरिंग, पर्यवेक्षणीय जिम्मेदारी और समन्वय व्यवस्था में संभावित लापरवाही पर जवाब मांगा गया है.
CM ने पूरे मामले की निष्पक्ष और त्वरित जांच के दिए निर्देश
सीएम भजनलाल शर्मा ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और त्वरित जांच के निर्देश दिए हैं. इसके साथ ही चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खिमसर लगातार मामले की मॉनिटरिंग कर रहे हैं और बीमार प्रसूताओं को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं.
चिकित्सा शिक्षा आयुक्त बाबूलाल गोयल कल (8 मई) शाम खुद कोटा पहुंचे और अस्पताल प्रशासन, चिकित्सकों तथा नर्सिंग स्टाफ से पूछताछ कर पूरे मामले की डीटेल्स जानकारी ली. चिकित्सा शिक्षा विभाग की प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौर ने बताया कि शुरुआती जांच में चिकित्सा प्रोटोकॉल और प्रक्रिया में गंभीर लापरवाही सामने आई है. ऑपरेशन के बाद मरीजों की निगरानी, दवा प्रबंधन और उपचार व्यवस्था में भी गंभीर खामियां पाई गई हैं.
अंतिम जांच रिपोर्ट के बाद किसी को भी नहीं बख्शा जाएगा
उनके मुताबिक अस्पताल प्रशासन को ऑपरेशन थिएटर प्रबंधन, एनेस्थीसिया प्रोटोकॉल, दवा वितरण प्रणाली और पोस्ट-ऑपरेटिव मॉनिटरिंग व्यवस्था की व्यापक समीक्षा कर तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए हैं. साथ ही सुपरविजन सिस्टम को मजबूत करने और चिकित्सा गुणवत्ता नियंत्रण प्रणाली को और प्रभावी बनाने के आदेश दिए गए हैं.
इस बीच राज्य सरकार ने साफ कर दिया है कि मरीजों की सेफ्टी सबसे बड़ी प्राथमिकता है और अंतिम जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषी पाए जाने वाले किसी भी अधिकारी, चिकित्सक या कार्मिक को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा. अन्य लोगों की भूमिका सामने आने पर उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी.
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