राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले में चर्चित भाजपा नेता एवं व्यापारी रमेश ईनाणी हत्याकांड में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है. मामले में शूटर उपलब्ध कराने वाले आरोपी संत भजनाराम को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. यह गिरफ्तारी पाली जिले के बाली क्षेत्र से की गई, जहां पुलिस की विशेष टीम पिछले दो-तीन दिनों से लगातार निगरानी कर रही थी.

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एडिशनल एसपी सरिता सिंह ने बताया कि हत्याकांड की जांच के दौरान कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं. पुलिस पहले ही मुख्य शूटर मनीष दुबे को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी थी. हाल ही में मनीष दुबे को जिला जेल से पीसी रिमांड पर लेकर गहन पूछताछ की गई, इसी दौरान संत भजनाराम का नाम साजिशकर्ता के रूप में सामने आया.

2022 से रची जा रही थी हत्या की साजिश

पुलिस के अनुसार यह हत्या कोई तात्कालिक घटना नहीं थी, बल्कि इसकी साजिश साल 2022 से ही रची जा रही थी. पुलिस जांच में सामने आया है कि संत भजनाराम ने ही मुख्य आरोपी संत रमता राम के लिए शूटर मनीष दुबे का इंतजाम किया था. भजनाराम को इस पूरे षड्यंत्र की शुरुआत से ही पूरी जानकारी थी और उसने हत्या के लिए दुष्प्रेरण व साजिश में सक्रिय भूमिका निभाई.

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कई बार की गई थी रेकी

शूटर मनीष दुबे सुपारी मिलने के बाद वर्ष 2022 में ही चित्तौड़गढ़ आ गया था. उसने रमेश ईनाणी की पहचान और दिनचर्या जानने के लिए कई बार रेकी की. यहां तक कि उसने जानबूझकर ईनाणी से विवाद भी किया, ताकि वह उन्हें नजदीक से पहचान सके. पुलिस के अनुसार यह सब पूर्व नियोजित योजना का हिस्सा था.

आरोपी संत भजनाराम का राजनीतिक जीवन भी लगातार चर्चाओं में रहा है. लोकसभा चुनाव के दौरान वह भाजपा की जिला टीम में स्टार प्रचारक के रूप में सक्रिय था. हालांकि 2018 के विधानसभा चुनाव में उसने कांग्रेस प्रत्याशी सालेह मोहम्मद के समर्थन में पोकरण में प्रचार किया था.

इस कारण वह भाजपा समर्थकों के निशाने पर आ गया था. उस चुनाव में भाजपा प्रत्याशी महंत प्रताप पुरी बहुत कम अंतर से हार गए थे. इसके बाद भजनाराम को अपनी जान का खतरा महसूस हुआ और उसे पुलिस सुरक्षा भी दी गई. करीब दो साल पहले उसने पुनः भाजपा की सदस्यता ग्रहण की थी.

लग्जरी लाइफस्टाइल और रसूखदार छवि

भजनाराम के बारे में बताया जाता है कि उसे महंगी गाड़ियों और आलीशान जीवनशैली का खास शौक है. क्षेत्र में उसकी पहचान एक रसूखदार व्यक्ति के रूप में रही है, जो हमेशा चर्चा में बना रहता था. हत्याकांड के बाद रामस्नेही संप्रदाय ने कड़ा कदम उठाते हुए आरोपी संतों को संप्रदाय से निष्कासित कर दिया था. मुख्य आरोपी संत रमता राम अभी फरार है. पुलिस की कई टीमें उसकी तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं. पुलिस का दावा है कि जल्द ही उसे भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा.

11 नवंबर को हुई थी हत्या

उल्लेखनीय है कि 11 नवंबर को रमेश ईनाणी की सरेआम गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. इस घटना के बाद चित्तौड़गढ़ के व्यापारी वर्ग और भाजपा कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश फैल गया था. पुलिस पर आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी का दबाव लगातार बना हुआ था. चित्तौड़गढ़ पुलिस का कहना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी. संत भजनाराम को कोर्ट में पेश कर आगे की पूछताछ की जाएगी. पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ में इस हत्याकांड से जुड़े और भी प्रभावशाली नाम सामने आ सकते हैं.