Rajasthan Politics: केंद्रीय में सत्तारूढ़ नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) सरकार की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने बुधवार को वित्त वर्ष 2023-24 के लिए 45 लाख करोड़ का बजट (Budget 2023) पेश किया है. यह बजट पूरी तरह लोक लुभावन और चुनावी बताया जा रहा है. कहा जा रहा है कि वर्ष 2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव (Lok Sabha Election 2024) और इसी साल राजस्थान, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, कर्नाटक और तेलंगाना में होने वाले विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखकर बनाया गया है. गरीब, किसान, मजदूर, बेरोजगार, युवा, महिला, बुजुर्ग, दलित, आदिवासी, सरकारी कर्मचारी, व्यापारी, उद्योगपति और अन्य लगभग सभी वर्गों को ध्यान में रखकर सरकार ने यह बजट बनाया है. इस बजट के जरिए सरकार ने सभी वर्गों को अपना बनाने का प्रयास किया है.
लोकसभा चुनाव में मोदी सरकार की वापसी होगी आसानसंसद में पेश केंद्रीय बजट राजस्थान में होने वाले आगामी विधानसभा चुनाव के दौरान सूबे की सत्ता परिवर्तन में बीजेपी के लिए मददगार होगा. यह चुनाव बीजेपी के लिए लोकसभा चुनाव 2024 का सेमीफाइनल होगा. विधानसभा चुनाव जीतकर बीजेपी यदि प्रदेश में कांग्रेस से सत्ता हासिल करने में कामयाब हुई तो लोकसभा चुनाव में मोदी सरकार की सत्ता वापसी आसान हो जाएगी. उसी लक्ष्य को को ध्यान में रखकर राजस्थान में बीजेपी सूबे की सत्ता हथियाने के लिए हरसंभव प्रयास में जुटी है. चुनावी साल की शुरूआत होने से पहले ही प्रदेश में पार्टी नेताओं के दौरे शुरू हो गए. केंद्रीय मंत्रियों और भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों समेत खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी लगातार राजस्थान प्रदेश के दौरे कर रहे हैं. आने वाले चुनाव में केंद्र सरकार की यह बजट घाेषणाएं बीजेपी के लिए मददगार हो सकती हैं.
किसानों काे सस्ता कर्जसरकार ने किसान क्रेडिट कार्ड योजना और अन्य योजनाओं के जरिए मिलने वाले कृषि लोन में बढ़ोतरी की है. सरकार किसानों को 20 लाख करोड़ रुपए का एग्रीकल्चर लोन देगी. अगले 3 साल तक एक करोड़ किसानों को नेचुरल फार्मिंग में मदद की जाएगी. पशुपालन, डेयरी और मत्स्य पालन करने वाले किसानों और मछुआरों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा.
गरीबों को मुफ्त अनाजसरकार ने पीएम गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत गरीबों के लिए मुफ्त खाद्यान्न की आपूर्ति को एक वर्ष के लिए बढ़ा दिया है. इसके तहत अब 2024 तक हर महीने 5 किलो गेहूं या चावल फ्री में मिलता रहेगा. केंद्र सरकार ने इस योजना के लिए 2 लाख करोड़ रुपए का बजट तय किया है. जिससे 80 करोड़ गरीब लोगों को 5 किलो फ्री राशन दिया जाएगा.
युवाओं को मिलेगा स्टाइपेंडबजट में सरकार ने 157 नए नर्सिंग कॉलेज खोले जाने की घोषणा की है. साथ ही 47 लाख युवाओं को राष्ट्रीय प्रशिक्षुता प्रोत्साहन योजना का लाभ दिया जाएगा. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स, थ्रीडी प्रिंटिंग, ड्रोन टेक्नोलॉजी की ट्रेनिंग के लिए 30 स्किल इंडिया इंटरनेशनल सेंटर विभिन्न राज्यों में खुलेंगे. इंजीनियरिंग संस्थानों में 5जी सेवाओं पर आधारित 100 लाइब्रेरी बनाएंगे.
बुजुर्गों काे होगी निश्चित आयबजट में बुजुर्गों का भी खास ख्याल रखा है. वरिष्ठ नागरिक बचत योजना में निवेश की सीमा 15 लाख से बढ़ाकर 30 लाख रुपए की है. इससे टैक्स बचाने में मदद मिलेगी और ब्याज के तौर पर निश्चित आय होती रहेगी. अभी इस पर सालाना 8 प्रतिशत ब्याज मिल रहा है. पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम स्कीम में निवेश सीमा को भी 4.5 लाख रुपए से बढ़ाकर 9 लाख रुपए किया है. जॉइंट अकाउंट के लिए लिमिट 9 लाख रुपए से बढ़ाकर 15 लाख की है.
महिलाओं को मिलेगी आर्थिक मददमहिला वित्त मंत्री ने देश की महिलाओं का भी बजट में ध्यान रखा है. महिला सम्मान बचत पत्र योजना में 2 लाख रुपए तक सालाना जमा कर सकेंगे. इसमें 7.5 प्रतिशत का ब्याज मिलेगा. इस योजना में दो साल के लिए निवेश कर सकेंगे. स्वयं सहायता समूहों के माध्यम में उद्यमिता और रोजगार के लिए सरकार महिलाओं को आर्थिक मदद, सस्ता लोन और कच्चे माल के साथ बड़ा बाजार मुहैया कराएगी.
गरीबों को मिलेगा सस्ता घरगरीबों के पास भी अपना घर हो, इसलिए सरकार ने पीएम आवास योजना के लिए खजाना खोल दिया है. योजना का बजट 66 फीसदी बढ़ाकर 79 हजार करोड़ रुपए कर दिया है. इसके तहत ग्रामीण और शहरी इलाके में आवास बनाने के लिए सरकार ढाई लाख रुपए की मदद देती है. सरकार को इस योजना का पहले भी कई चुनाव में बड़ा लाभ मिला है.
नौकरीपेशा-मध्यमवर्ग को राहतकेंद्रीय बजट में नौकरीपेशा और मध्यमवर्ग को बड़ी राहत मिली है. सरकार ने तय किया कि अब 7 लाख रुपए तक आय पर कोई टैक्स नहीं लगेगा. 7 लाख रुपए से अधिक आय होने पर टैक्स स्लैब के अनुसार कर देना होगा.
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