RSS Chief Mohan Bhagwat Statement Controversy: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत के बयान से ब्राह्मण समाज (Brahman Society) आग बबूला है. भरतपुर में प्रदर्शनकारियों ने हाथ पर पट्टी बांध कर विरोध किया और मोहन भागवत मुर्दाबाद के नारे लगाए गए. ब्राह्मण समाज के डॉ. सुशील पाराशर ने कहा कि मोहन भागवत का बयान पद और गरिमा के खिलाफ है. प्रदर्शनकारियों ने आरएसएस प्रमुख से माफी की मांग की. माफी नहीं मांगने पर मोहन भागवत का पुतला दहन किया जाएगा.
मोहन भागवत के बयान पर भड़का ब्राह्मण समाज
भरतपुर शहर कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष दयाचंद पचौरी ने कहा कि ब्राह्मणों की उपेक्षा के कारण भरतपुर जिले की सात सीटों में से एक पर भी बीजेपी प्रत्याशी की जीत नहीं हुई. उन्होंने विधानसभा और लोकसभा चुनाव में भी बीजेपी का पत्ता साफ होने की चेतावनी दी. दयाचंद पचौरी ने कहा कि संघ प्रमुख के ब्राह्मण विरोधी बयान का जवाब आगामी विधानसभा और लोकसभा चुनाव में दिया जायेगा. श्री ब्राह्मण सभा के जिला महामंत्री जीवन लाल शर्मा ने मोहन भागवत को ईश्वर से सद्बुद्धि प्रदान करने की प्रार्थना की. उन्होंने कहा कि भागवत की सद्बुद्धि के लिए यज्ञ किया जायेगा.
प्रदर्शन में नेत्र कमल मुदगल, सर्व ब्राह्मण महासभा के जिला अध्यक्ष ताराचंद शर्मा, विप्र फाउंडेशन के पूर्व जिला अध्यक्ष मनोज शर्मा, बनवारी लाल शर्मा, भुवनेश्वरी दीक्षित, कल्पेश शर्मा, अवधेश शर्मा, कमल किशोर शर्मा, गिरीश शर्मा, चंद्रकांत शर्मा, सुरेश पदयात्री, देवी प्रसाद शर्मा, मदन मोहन शर्मा, लाल चंद शर्मा, विवेक शर्मा, प्रवीण शर्मा और हेमंत शर्मा शामिल रहे. मोहन भागवत ने मुंबई में कार्यक्रम के दौरान एक बयान दिया था. उनका कहना था कि जातियां भगवान ने नहीं बल्कि पंडितों ने बनाई है. उन्होंने कहा था कि भगवान ने हमेशा सभी को समान दर्जा दिया है. कोई ऊंचा या कोई नीचा नहीं होता, कोई जाति या कोई वर्ण नहीं होता है. संघ प्रमुख मोहन भागवत के कहने का मतलब कुछ भी हो. उनके बयान से ब्राह्मण समाज में रोष है. हर तरफ मोहन भागवत मुर्दाबाद के नारे लग रहे हैं.
