जयपुर के हवामहल सीट से विधायक बालमुकुंदाचार्य एक बार फिर अपने विवादित बयान को लेकर चर्चाओं में है दरअसल नगर निगम की ओर से बनाई जा रही मजार की छत निर्माण मामले में विवाद उत्पन्न हुआ. जिसके बाद सरकार ने निर्माण कार्य पर अग्रिम आदेश तक रोक लगा दी है लेकिन आज फिर विधायक बालमुकुंदाचार्य की एक सोशल मीडिया पोस्ट सामने आई है. जिसमें उन्होंने लिखा "यह हिन्दुस्तान हैं इस भूमि पर सनातन संस्कृति को मानने वालों का प्रथम अधिकार है."

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विधायक बालमुकुंद आचार्य का ये विवादित बयान सामने आया है जिसके बाद अब हर तरफ इस बयान को लेकर चर्चा होने लगी है. उन्होंने इसमें लिखा, "इस भूमि पर सनातन संस्कृति मानने वालों का प्रथम अधिकार है और इस सत्य से कोई समझौता नहीं हो सकता."

'बलिदान के लिए सदैव तत्पर'

उन्होंने आगे लिखा, "यह हिन्दुस्तान है जिसकी मिट्टी संस्कृति और चेतना सनातन परंपरा से निर्मित है, कल हुए विवाद को लेकर इशारा करते हुए लिखा कि परकोटे के स्वरूप और रंग से छेड़-छाड़ का कोई भी प्रयास स्वीकार्य नहीं होगा. लाखों सनातनियो के बलिदान से सुरक्षित यह विरासत हमारी आस्था है और आवश्यकता पड़ी तो इसकी रक्षा हेतू हर प्रकार का बलिदान देने को हम सदैव तत्पर है." 

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शांति व्यवस्था को लेकर उठ रहे सवाल

विधायक बालमुकुंद के इस बयान के बाद शहर की शांति व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं राजधानी जयपुर शांति और सौहार्द का प्रतीक मानी जाती रही है लेकिन इसी बीच बीजेपी विधायक बालमुकुंदाचार्य का ये बयान आग में घी डालने का काम कर रहा है.

लाउडस्पीकर वाले बयान की भी हुई थी चर्चा

हालांकि उनके विवादित बयानों को लेकर पार्टी स्तर पर भी उन्हें पहले कई बार फटकार पड़ चुकी है. मस्जिद के लाउडस्पीकर को लेकर दिए गए उनके बयान पर उनकी ही पार्टी के उप मुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा ने विधायक बालमुकुंद आचार्य के बयान पर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा था कि हम अभद्र भाषा का प्रयोग नहीं करते.