राजस्थान के बीकानेर शहर और श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र में मंगलवार (16 जून) दोपहर बाद मौसम ने अचानक करवट ली. मौसम विभाग की पूर्व चेतावनी के अनुरूप ही इलाके में तेज धूल भरी आंधी चली और आसमान में बादल छा गए. इसके बाद हुई हल्की बूंदाबांदी और ठंडी हवाओं ने लोगों को भीषण गर्मी से तो राहत दी, लेकिन आंधी की वजह से जनजीवन काफी प्रभावित हुआ.

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आंधी का सबसे ज्यादा असर श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र के जैसलसर गांव में देखने को मिला. यहां चल रहे 'ग्राम सेवा शिविर' में तेज हवाओं के कारण भारी अफरा-तफरी मच गई. हवा का वेग इतना तेज था कि शिविर के टेंट उखड़ गए और जरूरी कागजात हवा में उड़ने लगे. हालात बिगड़ते देख शिविर में मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों को कमरों में बंद होकर और अपनी गाड़ियों में बैठकर खुद का बचाव करना पड़ा. वहीं, मौके पर मौजूद ग्रामीणों को भी वहां से लौटना पड़ा, जिससे पूरा शिविर खाली हो गया.

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किसानों की चिंता बढ़ी, घरों-दुकानों में जमी मिट्टी

करीब आधे घंटे तक चले इस धूल के गुबार ने आमजन को खासा परेशान किया. बाजार की दुकानों और घरों में मिट्टी की मोटी परतें जम गईं. वहीं, किसानों की चिंताएं भी बढ़ गई हैं. किसानों ने खेतों में मूंगफली की बुवाई की है, और उन्हें डर है कि तेज आंधी के कारण बीज अंकुरित होने से पहले ही उड़ न जाएं.

गर्मी से मिली बड़ी राहत

आधे घंटे तक धूल में नहलाने के बाद आंधी आगे बढ़ गई और मौसम साफ होने लगा. आंधी के साथ आसमान में छाए बादलों ने हल्की बूंदाबांदी की. इस बारिश और आंधी के बाद चल रही ठंडी हवाओं से तापमान में गिरावट दर्ज की गई है, जिससे आमजन को पिछले कई दिनों से पड़ रही भीषण गर्मी से खासी राहत मिली है.

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