कांग्रेस के वरिष्ठ नेता, बिहार के सीनियर ऑब्जर्वर एवं राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा है कि जनता से ऐसी आवाज का लग रहा है कि बिहार में नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार जा रही है एवं तेजस्वी यादव के नेतृत्व में महागठबंधन कि सरकार बनने जा रही है.

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मंगलवार (4 नवंबर) को पटना में प्रेस वार्ता को सम्बोधित करते हुए गहलोत ने स्पष्ट कहा "नीतीश जा रहे हैं और तेजस्वी आ रहे हैं और ये होना जरूरी भी है.“ बिहार विधानसभा चुनाव के लिए पहले चरण के मतदान के लिए प्रचार मंगलवार को समाप्त होने से पहले आयोजित इस प्रेस वार्ता में गहलोत ने तेजस्वी यादव के नेतृत्व में महागठबंधन को मौका देने की बिहार के मतदाताओं से अपील की .

बिहार के हित में एक मौका नौजवान को दीजिए- गहलोत

बिहार विधानसभा चुनाव के लिए पहले चरण के मतदान के लिए प्रचार मंगलवार को समाप्त होने से पहले आयोजित इस प्रेस वार्ता में गहलोत ने तेजस्वी यादव के नेतृत्व में महागठबंधन को मौका देने की बिहार के मतदाताओं से अपील की. 

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अशोक गहलोत ने कहा कि "आप एक मौका दीजिए नौजवान को,क्योंकि एक नौजवान आएगा तो उसको चिंता रहेगी भविष्य की, 20 साल तक आपने नीतीश को देख लिया अब आप तेजस्वी को देखेंगे तो जो वादे किए आपसे उन्हें निभाने की चिंता रहेगी. जब वह वादे निभाएंगे तब जाकर अगली बार पब्लिक का आशीर्वाद मिलेगा."

स्वास्थ्य बीमा बिहार के लिए भी ‘गेमचेंजर’ हो सकता है- अशोक गहलोत

गहलोत ने महागठबंधन द्वारा किए प्रमुख वादों को भी सबके सामने रखा और राजस्थान में उनके कार्यकाल में लाई गई चिरंजीवी योजना के फीचर्स का बिहार में महागठबंधन के मैनिफेस्टो में शामिल होने का जिक्र किया.

उन्होंने संवाददाताओं को बताया "मैनिफेस्टो में भी मुझे इस बात का गर्व है कि हमारी जो सबसे पॉपुलर स्कीम है राजस्थान की, स्वास्थ्य बीमा 25 लाख का, ये बिहार के लिए भी गेमचेंजर हो सकता है."

ओल्ड पेंशन स्कीम को लेकर बोले अशोक गहलोत

गहलोत ने ओल्ड पेंशन स्कीम ( ओपीएस) को लेकर कहा कि 1 जनवरी 2004 को ओपीएस की जगह एनपीएस की घोषणा कर दी गई, और कहा कि इसको लेकर पूरे देश के कर्मचारियों में गुस्सा है तथा कहा कि प्रधानमंत्री मोदी नई स्कीम ले कर आ गई, जिसका मतलब कि वो (मोदी) मान गए कि ओपीएस को हटा कर एनपीएस का फैसला गलत है. हालांकि इस स्कीम को भी कर्मचारियों ने खारिज कर दिया है. उन्होंने राजस्थान की कई योजनाएं महागठबंधन के मैनिफेस्टो में शामिल करने पर खुशी जाहिर की.

चुनाव के बीच महिलाओं को पैसे बांटने पर क्या बोले गहलोत?

वहीं गहलोत ने चुनाव आचार संहिता लागू होने के बाद भी महिलाओं को दस-दस हज़ार रुपए कैश बँटने के मुद्दे पर चुनाव आयोग को भी आड़े हाथों किया है, उन्होंने कहा "पूरा देश देख रहा है पूरा प्रदेश देख रहा है, साहस देखिए आप इलेक्शन कमीशन का, तब भी नहीं रोक रहा है."

उन्होंने इसकी तुलना में राजस्थान में विधानसभा चुनाव के समय महिलाओं को मोबाइल फोन देने, बुजुर्गों, विधवाओं की पेंशन के ऑटो अप्रूवल , जैसी योजनाओं को रोकने पर घोर आपत्ति जताई.

हॉर्स ट्रेडिंग से सरकारें गिराती है भाजपा- अशोक गहलोत

गहलोत ने चुनी हुई सरकारों को भाजपा द्वारा अस्थिर करने की कोशिशों पर कहा कि "विपक्षी पार्टियों की सरकारों को गिराने का जो कुकर्म इन्होंने किया है, इतिहास कभी माफ नहीं करेगा. मध्य प्रदेश चुनी हुई सरकार, कर्नाटक की सरकार, महाराष्ट्र की सरकार, 50- 50 करोड़ देकर के आपने हॉर्स ट्रेडिंग की. वहां पर और राजस्थान की सरकार तो इनको मुंह की खानी पड़ी, सरकार गिरा नहीं पाए, हम लोग बच गए, 5 साल सरकार चलाई हम लोगों ने, हम जानते हैं किस प्रकार से हॉर्स ट्रेडिंग वहां की गई है कोई सोच नहीं सकता था."

गहलोत ने प्रधानमंत्री मोदी के पुराने वादों की याद दिलाते हुए कहा कि काला धन लेकर आएंगे, 2 करोड़ नौकरी देंगे, 15 लाख खाते में डालेंगे, चीनी मिल चालू करेंगे, 100 स्मार्ट सिटी बनाएंगे जैसे वादे किए गए और इनकी वादाखिलाफी भी की गई.