राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के मांडल उप जिला चिकित्सालय में एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने इंसानियत को झकझोर कर रख दिया है. बीमा राशि हड़पने के लिए एक अंतर्राज्यीय गिरोह द्वारा इंसान की मौत का सौदा करने का खौफनाक खेल उजागर हुआ है.

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यह गिरोह गरीब और शराब के आदी लोगों को निशाना बनाता है, उनका करोड़ों रुपये का बीमा करवाता है और फिर उनकी मौत को 'हादसा' साबित कर बीमा राशि डकार जाता है.

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इलाज के बहाने अहमदाबाद से लाए थे राजस्थान

मांडल में सामने आए ताजा मामले ने इस गिरोह की क्रूरता की पोल खोल दी है. 12 वर्षीय बालक दिव्यांशु ने बताया कि वह अपनी एक बुजुर्ग महिला रिश्तेदार के साथ अपने बीमार पिता दीपक को इलाज के लिए गुजरात के अहमदाबाद से राजस्थान लेकर आया था. दिव्यांशु के मुताबिक, उसके पिता मजदूरी करते थे और काफी लंबे समय से बीमार चल रहे थे. रास्ते में ही उनके पिता की तबीयत ज्यादा बिगड़ गई और उनकी मौत हो गई.

मौत को हादसा बनाने के लिए शव के साथ की बर्बरता

पिता की मौत के बाद साथ आए गिरोह के सदस्यों ने साजिश के तहत घिनौना खेल शुरू किया. उन्होंने बीमारी से हुई इस मौत को दुर्घटना साबित करने के लिए शव को करंट लगाकर हादसे का रूप देने की कोशिश की. हद तो तब हो गई जब मामले को एक्सीडेंट दिखाने के लिए मृतक की छाती दबाकर मुंह से खून निकालने का भी अमानवीय प्रयास किया गया.

शव और बच्चा छोड़कर भागे, ले उड़े दस्तावेज

देर रात साजिशकर्ताओं ने युवक के शव को मांडल उप जिला चिकित्सालय में लावारिस हालत में छोड़ दिया. मृतक के साथ आया गिरोह मौके से फरार हो गया और जाते-जाते मृतक के सभी पहचान पत्र और जरूरी दस्तावेज भी अपने साथ ले गया, ताकि कोई सुराग न मिल सके.

पुलिस कर रही मामले की जांच

इस खौफनाक घटना की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया. गांधीनगर (भीलवाड़ा) थानाधिकारी पुष्पा कसौटियां और पुलिस टीम इस पूरे गिरोह के नेटवर्क और वारदात की गहनता से जांच कर रही है. पुलिस अब फरार आरोपियों की तलाश में जुट गई है ताकि इस अंतर्राज्यीय गिरोह के मास्टरमाइंड तक पहुंचा जा सके.

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