भीलवाड़ा अजमेर नेशनल 79 हाईवे पर रायसिंह पूरा के पास में सीताराम डेनिम कपड़ा फैक्ट्री में अज्ञात कारणों के चलते दो मजदूरों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई. दोनों मजदूर बॉयलर क्षेत्र में कार्यरत थे. सुबह करीब 8 बजे दोनों अचेत की हालत में मिले.
उन्हें तत्काल जिला अस्पताल महात्मा गांधी ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उनका परीक्षण कर मृत घोषित कर दिया , फैक्ट्री में दो युवकों की संदिग्ध अवस्था में मौत की सूचना पर सैकड़ों की तादाद में ग्रामीण फैक्ट्री और जिला चिकित्सालय मोर्चरी पर जमा हो गए , वहीं मांडल विधायक उदय लाल भड़ाना सुवाण प्रधान प्रतिनिधि श्याम लाल गुर्जर , कांग्रेस शहरी क्षेत्र जिलाध्यक्ष सीताराम खटीक सहित कई स्थानीय जनप्रतिनिधि मौके पर आगए.
जहरीली गैस से दम घुटने की प्रारंभिक आशंका
लोगों की आपसी बातचीत में सामने आया कि दोनों युवक रात्रि को बॉयलर के पास बने ग्लास के केबिन में थे जिससे बॉयलर से निकलने वाली जहरीली गैस से उनके दम घुटने की आशंका जताई जा रही है. फिलहाल मौत का सही कारण पता नहीं चला है , रायला पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है , दूसरे मजदूरों ने फैक्ट्री प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए अस्पताल और पुलिस चौकी के बाहर मांडल विधायक उदय लाल भड़ाना के साथ प्रदर्शन किया , मजदूरों और ग्रामीणों ने फैक्ट्री प्रबंधन पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी का आरोप लगाया ,
गजानंद गाडरी (25) पुत्र रामचंद्र निवासी जिंद्रास आसींद और कमलेश गुर्जर (24) पुत्र जीवराज गुर्जर निवासी नानोड़ी 6 महीने से फैक्ट्री में काम कर रहे थे. दोनों की बॉयलर साइट पर ड्यूटी थी. दोनों को आज सुबह अन्य कर्मचारियों ने अचेत अवस्था में जमीन पर पड़े देखा. एम्बुलेंस से दोनों को महात्मा गांधी अस्पताल लेकर पहुंचे. वहां डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.
तीन थानों का जाब्ता तैनात, पुलिस कर रही समझाइश
पुलिस ने मृतकों के परिजनों को सूचना दी. फैक्ट्री के बहुत से मजदूर महात्मा गांधी अस्पताल के बाहर एकत्र होकर प्रदर्शन करने लगे. मजदूरों ने आरोप लगाया कि फैक्ट्री प्रबंधन की लापरवाही के कारण बॉयलर से गैस का रिसाव हुआ, जिससे दोनों मजदूरों की जान गई. मजदूर मौत की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं. तीन थानों का जाप्ता हॉस्पिटल के बाहर प्रतापनगर, रायला और मांडल की पुलिस बल और फैक्ट्री परिसर के बाहर शंभूगढ़ रायला गुलाबपुरा बनेड़ा थाना का जाब्ता, दोनों जगह मौजूद है. लोगों को समझाया जा रहा है. जांच के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि हो सकेगी.