राजस्थान के भरतपुर जिले की नदबई तहसील के तहसीलदार विनोद मीणा को भरतपुर एसीबी की टीम ने कार्यवाई करते हुए 80 हजार रूपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है. बताया गया है की परिवादी द्वारा एसीबी भरतपुर की टीम को शिकायत दी गई थी कि नदबई तहसीलदार विनोद मीणा नामांतरण खोलने की एवज में परिवादी से 1 लाख रुपये की मांग कर रहे हैं.
शिकायत का सत्यापन कराने के बाद भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के एएसपी अमित सिंह के नेतृत्व में एसीबी की टीम ने कार्रवाई को अंजाम दिया और आज तहसीलदार को 80 हजार की रिश्वत लेते हुए उनके निवास से भरतपुर भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की टीम ने ट्रेप किया है.
तहसीलदार ने परिवादी से पहले की 1 लाख रुपये की डिमांड
जानकारी के अनुसार, परिवादी ने दो वर्ष पहले कोई जमीन खरीदी थी जिसका नामांतरण खुलवाना चाहा तो कोर्ट से स्टे आ गया था. अब दो दिन पहले RAA कोर्ट ने स्टे को हटा दिया है. दो दिन पहले परिवादी नामांतरण खुलवाने के लिए तहसीलदार से मिला तो तहसीलदार ने परिवादी से पहले 1 लाख रुपये की डिमांड की. बाद में बातचीत के बाद 80 हजार रुपये में तय हुआ.
80 हजार की राशि लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा
आज शनिवार (20 सितंबर) को परिवादी ने तहसीलदार को 80 हजार रुपये दिए, उसी दौरान एसीबी ने तहसीलदार को उनके निवास पर 80 हजार की राशि लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया. नदबई तहसीलदार के खिलाफ अचानक हुई इस कार्रवाई से हड़कंप सा मच गया है. एसीबी की टीम आगे की कार्रवाई और दस्तावेजों की जांच में जुटी हुई है.
क्या कहना है भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के एएसपी का
भरतपुर एसीबी के एएसपी अमित सिंह ने बताया है की परिवादी ने एसीबी को शिकायत देते हुए बताया था की उसने दो वर्ष पहले कोई जमीन खरीदी थी जिसका नामांतरण खुलवाना चाहा तो कोर्ट से स्टे आ गया था. अब दो दिन पहले RAA कोर्ट ने स्टे को हटा दिया है. दो दिन पहले परिवादी नामांतरण खुलवाने के लिए तहसीलदार से मिला तो तहसीलदार ने परिवादी से पहले 1 लाख रुपये की डिमांड की.
बाद में बातचीत के बाद 80 हजार रुपये में तय हुआ. आज शनिवार को परिवादी ने तहसीलदार को 80 हजार रुपये दिए, उसी दौरान एसीबी ने तहसीलदार को उनके निवास पर 80 हजार की राशि लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया. एसीबी की टीम अभी तहसीलदार से पूछताछ कर रही है.