राजस्थान के भरतपुर जिले से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है. यहां के मथुरा गेट थाना क्षेत्र में देर रात एक 'ए-क्लास' (A-Class) ठेकेदार ने अपने साथियों के साथ मिलकर सीवरेज का काम कर रहे मजदूरों पर जानलेवा हमला कर दिया और फायरिंग की. इस वारदात में सीवरेज का काम करा रहे ठेकेदार के हाथ में गोली लगी है, जबकि तीन अन्य मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए हैं. इस पूरी घटना का सीसीटीवी (CCTV) फुटेज भी सामने आ गया है, जिसमें आरोपियों की दबंगई साफ नजर आ रही है.
क्या था विवाद का कारण?
मथुरा गेट थाना अधिकारी हरलाल मीणा ने बताया कि यह पूरा विवाद सड़क पर पड़ी मिट्टी को हटाने को लेकर शुरू हुआ था. जवाहर नगर इलाके के भगत सिंह चौराहे के पास सीवरेज लाइन बिछाने का काम चल रहा है. मजदूरों ने खुदाई के बाद निकाली गई मिट्टी को सड़क पर ही डाल रखा था. पास ही स्थित प्लॉट नंबर A-4 के मालिक और 'ए-क्लास' कॉन्ट्रैक्टर पुष्पेंद्र सिंह उर्फ पीके ने देर रात करीब 12 बजे मजदूरों से वह मिट्टी तुरंत हटाने को कहा. रात का समय होने के कारण मजदूरों ने काम करने से मना कर दिया, जिस पर विवाद बढ़ गया.
फायरिंग और लाठी-डंडों से किया हमला
आरोप है कि मजदूरों के मना करने पर पुष्पेंद्र सिंह आगबबूला हो गया. उसने अपने साले बिरजू और अन्य साथियों के साथ मिलकर मजदूरों के साथ बेरहमी से मारपीट शुरू कर दी. इसी दौरान आरोपियों ने फायरिंग भी की, जिसमें सीवरेज ठेकेदार सतीश के हाथ में गोली लग गई. हमले में तीन अन्य मजदूर भी गंभीर रूप से घायल हुए हैं. सभी घायलों को तुरंत आरबीएम (RBM) अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है.
मुख्य आरोपी हिरासत में
देर रात झगड़े और फायरिंग की सूचना मिलते ही मथुरा गेट थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची. पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए, मुख्य आरोपी पुष्पेंद्र सिंह और उसके साले बिरजू को हिरासत में ले लिया है. आरोपियों की 'थार' (Thar) गाड़ी को भी पुलिस ने जब्त कर लिया है. घायल ठेकेदार सतीश के बयान के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है.
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है और घटनास्थल से मिले CCTV फुटेज के आधार पर वारदात में शामिल फरार अन्य आरोपियों की पहचान कर उनकी तलाश में दबिश दे रही है.
