बांसवाड़ा जिले के कुशलगढ़ थाना क्षेत्र के कलीनजरा गांव में कथित धर्मांतरण की सूचना के बाद हालात अचानक बिगड़ गए और इलाके में सनसनी फैल गई. राज्य में धर्मांतरण विरोधी कानून 2025 लागू होने के बावजूद इस तरह की गतिविधियों की खबर ने प्रशासन को सतर्क कर दिया. मौके पर पहुंचे विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ताओं पर भीड़ ने हमला कर दिया, जिसमें तीन युवक गंभीर रूप से घायल हो गए.
घटना के बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया. इस घटना ने आदिवासी क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था और धार्मिक गतिविधियों को लेकर नई बहस छेड़ दी है, वहीं प्रशासन पूरे मामले की गहन जांच में जुटा हुआ है.
क्या है पूरा मामला
जानकारी के अनुसार, घटना से जुड़ा एक वीडियो भी सामने आया है जिसमें करीब 100-150 लोग एक साथ किसी धार्मिक गतिविधि में शामिल होते दिख रहे हैं. इस सभा में शामिल लोगों ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि किसी तरह का धर्मान्तरण जैसा मामला नहीं है. हम सिर्फ प्रार्थना और धार्मिक कार्यक्रम कर रहे थे. वहीं शिकायतकर्ता की ओर से कहा गया कि इसके पीछे धर्मांतरण का मामला है पानी के कुंड में नहलाकर धर्मांतरण किया जा रहा था.
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पुलिस ने चार लोगों को किया गिरफ्तार
कुशलगढ़ थानाधिकारी ने बताया कि पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए मुख्य नामजद आरोपी अनिल रावत, आतिश, देवचंद और निलेश उर्फ इस्माइल को गिरफ्तार कर लिया है. फिलहाल पुलिस प्रशासन क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए अन्य फरार आरोपियों की तलाश में दबिश दे रहा है. राजस्थान में गैरकानूनी धर्म परिवर्तन निषेध विधेयक, 2025 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है. प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सभा के लिए किसी प्रकार की अनुमति नहीं ली गई थी. स्थानीय लोगों ने धर्मांतरण के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि यहां केवल धार्मिक सभा का आयोजन हो रहा था.
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