राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सोशल साइट एक्स पर पोस्ट कर राज्य की बीजेपी सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने कहा कि उनकी कांग्रेस सरकार ने प्रदेश के लाखों ठेका कर्मियों को शोषण से मुक्त करने के लिए ‘राजस्थान लॉजिस्टिक सर्विस डिलीवरी कॉर्पोरेशन’ (RLSDC) के गठन का ऐतिहासिक फैसला लिया था, लेकिन मौजूदा सरकार ने उस पर आगे कोई ठोस कदम नहीं उठाया.
'भाजपा सरकार ने अटका दी योजना'
अपने पोस्ट में अशोक गहलोत ने लिखा, "हमारी कांग्रेस सरकार ने प्रदेश के लाखों ठेका कर्मियों को शोषण से मुक्त करने के लिए 'राजस्थान लॉजिस्टिक सर्विस डिलीवरी कॉर्पोरेशन' (RLSDC) के गठन का ऐतिहासिक निर्णय लिया था. इस निगम का मुख्य उद्देश्य प्लेसमेंट एजेंसियों के माध्यम से कार्यरत हजारों कार्मिकों को पूरा मानदेय और EPF-ESI जैसी सामाजिक सुरक्षा का लाभ सुनिश्चित करना था. यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि भाजपा सरकार ने कई अन्य जनहित की घोषणाओं की तरह ही इस घोषणा को भी अटका दिया है."
वर्तमान की बीजेपी सरकार से की अपील
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत अशोक गहलोत ने राज्य सरकार से इस मुद्दे पर जल्द फैसला लेने की अपील भी की. उन्होंने अपने बयान में लिखा, "मैं वर्तमान राज्य सरकार से आग्रह करता हूं कि इस अल्प आय समूह के भविष्य और उनके परिवारों की आर्थिक स्थिरता को देखते हुए इसका गठन कर अविलंब आगे काम बढ़ाएं. जनहित में लिए गए निर्णयों को गति देना ही लोकतंत्र की असली शुचिता है."
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के इस बयान के बाद प्रदेश की सियासत फिर गरमा सकती है. ठेका कर्मियों और अल्प आय वर्ग से जुड़े इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस एक बार फिर सरकार को घेरने की कोशिश में है. अब देखना होगा कि बीजेपी सरकार इस पर क्या प्रतिक्रिया देती है और राजस्थान लॉजिस्टिक सर्विस डिलीवरी कॉर्पोरेशन के गठन को लेकर आगे क्या कदम उठाए जाते हैं.
