राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत तीन दिवसीय जोधपुर दौरे पर हैं. शनिवार को जोधपुर सर्किट हाउस पहुंचने पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया. इस दौरान समर्थकों ने "गहलोत सरकार चौथी बार" के नारे भी लगाए. कार्यकर्ताओं से संवाद के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए गहलोत ने केंद्र की मोदी सरकार और प्रदेश की बीजेपी सरकार पर चौतरफा हमला बोला.

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छात्रों के मुद्दे को प्रमुखता से उठाते हुए अशोक गहलोत ने कहा कि केंद्र सरकार के दो केंद्रीय मंत्रियों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर छात्रों से किए गए वादों को पूरा करने का भरोसा दिया था, लेकिन अब सरकार अपने वादों से पीछे हट रही है.

उन्होंने आरोप लगाया, "छात्रों के साथ किए गए समझौते को लागू नहीं किया जा रहा है, जिससे देश का युवा खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहा है. सरकार की इस कार्यशैली को युवा कभी माफ नहीं करेगा."

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'राहुल गांधी के नेतृत्व का केंद्र सरकार को था डर'

पेपर लीक और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर बात करते हुए गहलोत ने कहा कि देशभर में इस आवाज को कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मजबूती से उठाया था. राहुल गांधी ने कई राज्यों में रैलियां की और छात्रों से सीधे संवाद किया, जिसके बाद युवाओं का आंदोलन उग्र हुआ. गहलोत ने कहा कि आंदोलन के दौरान युवाओं ने लाठियां तक खाईं, जिसके बाद सरकार को झुकना पड़ा. पूर्व मुख्यमंत्री ने बड़ा दावा करते हुए कहा कि केंद्र सरकार को डर था कि इस पूरे आंदोलन का नेतृत्व राहुल गांधी के हाथों में न चला जाए.

राजस्थान सरकार पर साधा निशाना

राजस्थान की वर्तमान बीजेपी सरकार पर हमला बोलते हुए अशोक गहलोत ने प्रदेश की आर्थिक और प्रशासनिक स्थिति पर चिंता जताई.

  • वित्तीय संकट: गहलोत ने आरोप लगाया कि राज्य की वित्तीय स्थिति काफी चिंताजनक है. सरकार के पास बुजुर्गों और जरूरतमंदों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन देने तक के पर्याप्त संसाधन नहीं हैं.
  • कानून-व्यवस्था और भ्रष्टाचार: उन्होंने कहा कि प्रदेश में अपराध बढ़ रहे हैं और कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ती जा रही है. इसके साथ ही प्रशासन में भ्रष्टाचार चरम पर पहुंच चुका है, जिसे रोकने में वर्तमान सरकार पूरी तरह विफल रही है.

जोधपुर दौरे के अंत में अशोक गहलोत ने पार्टी कार्यकर्ताओं से मुलाकात की और संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने के साथ आगामी राजनीतिक गतिविधियों के लिए एकजुट रहने का आह्वान किया.

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