अलवर जिले की शिवाजी पार्क पुलिस ने अपहरण कर अश्लील वीडियो-फोटो बना बलात्कार के झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी देकर 30 लाख रुपए की मांग करने के आरोप में एक महिला सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है. यह गिरोह पहले भी ऐसी कई वारदातों को अंजाम दे चुका है.

एसपी सुधीर चौधरी ने बताया कि बुधवार 22 अक्टूबर को महिला आरोपी शहरुना ने एक डाक्टर को इलाज के बहाने अपने घर पर बुलाया. डॉक्टर जैसे ही आरटीओ ऑफिस के पास महिला के बताए पते पर पहुंचा, वह एक जाल में फंस गया. महिला के साथ मिलकर, वसीम खान उर्फ मूसा और प्रियांशु चौधरी उर्फ गोधू ने उसे जबरन बंधक बना लिया.

अपराधियों ने डाक्टर के साथ की मारपीट और अश्लील फोटो-वीडियो बनाई

कमरे में आते ही आरोपियों ने मारपीट शुरू कर दी और डॉक्टर के कपड़े फाड़ दिए. अंडरवियर में खड़ा कर महिला के साथ उसकी आपत्ति जनक फोटो और वीडियो बना लिए गए. इसके बाद आरोपियों ने ब्लैकमेलिंग का खेल शुरू किया. उन्होंने धमकी दी कि यदि उन्हें ₹30 लाख नहीं दिए गए तो बलात्कार के झूठे मुकदमे में फंसाकर बर्बाद कर दिया जाएगा. इस दौरान उन्होंने डॉक्टर का सामान और कुछ पैसे भी छीनकर रोड पर फेंक दिए.

पुलिस ने 12 घंटे में आरोपियों को धर दबोचा

मामले की सूचना मिलते ही अलवर एसपी सुधीर चौधरी ने मामले की गंभीरता को समझते हुए तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए. थानाधिकारी शिवाजी विनोद सामरिया और थानाधिकारी विजय मंदिर भरतलाल के नेतृत्व में विशेष टीमों का गठन किया गया. पुलिस की टीमों ने आसूचना और तकनीकी मदद से मात्र 12 घंटे के अंदर तीनों आरोपियों को पकड़ लिया. पुलिस टीम जब आरोपी प्रियांशु उर्फ गोधू को पकड़ने गई तो पता चला कि उसने अपनी पहचान छिपाने के लिए अपना सिर गंजा करवा लिया था.

पुलिस ने मामले में आरोपी वसीम खान उर्फ मूसा मेव (18 वर्ष) निवासी विजय मन्दिर, प्रियांशु चौधरी उर्फ गोधू (21 वर्ष) निवासी एनईबी और महिला आरोपी शहरुना (33 वर्ष) को गिरफ्तार किया है. महिला ने दो शादियां की हुई हैं.मुख्य आरोपी प्रियांशु चौधरी उर्फ गोधू का आपराधिक रिकॉर्ड बेहद लंबा है, जिसके खिलाफ पहले से ही कई थानों में मारपीट, धमकी और एससी/एसटी एक्ट के तहत मुकदमे दर्ज हैं. पुलिस ने आरोपियों के पास से वारदात में प्रयुक्त एंड्रॉइड मोबाइल और परिवादी का सोने का लॉकेट भी बरामद किया है.