आजम खान ने बेटे अब्दुल्ला के साथ ख्वाजा गरीब नवाज की दरगाह मे दी हाजरी, मांगी दुआ
Azam Khan in Ajmer Dargah: सपा नेता आजम खान ने बेटे अब्दुल्लाह आजम के साथ अजमेर में ख्वाजा गरीब नवाज की दरगाह में हाजरी दी. वह पहली बार अजमेर शरीफ की दरगाह में हाजरी देने पहुंचे हैं.

उत्तर प्रदेश के पूर्व कैबिनेट मंत्री व समाजवादी पार्टी (सपा) के वरिष्ठ नेता आजम खान ने बेटे अब्दुल्लाह आजम के साथ अजमेर में ख्वाजा गरीब नवाज की दरगाह में हाजरी दी. दरगाह की ओर से आजम खान और उनके साथ आये लोगो को पगड़ी बांध कर दरगाह में हाजरी दी.
आपको बता दें कि आजम खान पहली बार अजमेर शरीफ की दरगाह में हाजरी देने पहुंचे हैं. ख्वाजा गरीब नवाज में आज़म खान ने दुआ मांगी है. आजम खान के साथ उनके करीबी सपा नेता यूसुफ मलिक भी मौजूद रहे. साथ मे बेटे अब्दुल्लाह आज़म और उनके करीबी दोस्त अनवार ने भी दरगाह में हाजरी दी.
ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह में दी हाजरी
समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद मोहम्मद आजम खान जेल से रिहा होने के बाद आज अजमेर पहुंचे और यहां ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह पर माथा टेककर उनका शुक्रिया अदा किया. उन्होंने दरगाह पर चादर चढ़ाई और अकीदत के फूल पेश किए. जेल से रिहाई और पार्टी की तरफ से उन्हें स्टार प्रचारक की ज़िम्मेदारी मिलने के बाद ख्वाजा गरीब नवाज के दरबार मे शुकराना अदा किया गया.
'मुसीबतें कम हुईं, चुनौतियां बरकरार'
अजमेर शरीफ दरगाह में हाजिरी के बाद नेता आज़म खान ने कहा कि उन्हें रूहानी ताक़त मिली है. मुसीबतें कम हुई है, लेकिन चुनौतियां अभी बरकरार है. उन्हें खूब सताया गया. झूठे आरोपो में फंसाया गया, लेकिन बुजुर्गों की दुआ से उन्हें सुकून और इंसाफ मिला.यही वजह हैं कि अजमेर दरगाह पर हाजिरी देने पहुंचे है. गौरतलब है कि एक दिन पहले ही समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव भी अजमेर के किशनगंज आए थे और आज़म खान एक दिन बाद यहां पहुंचे हैं.
'मौजूदा हुकूमत कौम और मुल्क के लोगों को कर रही परेशान'
आजम खान ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि मौजूदा हुकूमत कौम और मुल्क के लोगों को परेशान कर रही है. हम जिल्लत भरी जिंदगी जी रहे हैं. उन्होंने अपने ऊपर लगे मुर्गी चोरी और बकरी चोरी के आरोपों को लेकर एक बार फिर से अपना दर्द जाहिर किया.
पत्रकारों के सवाल पर झल्ला उठे आजम खान
यूपी की योगी सरकार द्वारा परेशान किए जाने के सवाल पर आजम खान एक पत्रकार पर झल्ला भी उठे. उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि सरकार तो मुझे रोज हलवा पराठा खिला रही थी. उन्होंने यह सवाल पूछे जाने पर पत्रकार पर अपनी नाराजगी भी जताई. बिहार चुनाव में स्टार प्रचारक बनाए जाने पर उन्होंने सामान्य सा जवाब दिया. कहा कि मैं इसमें क्या कर सकता हूं.
'किसी को पंचायती करने की जरूरत नहीं', जिला अध्यक्षों के चयन पर अशोक गहलोत की दो टूक


























