'शांतिदूत ऐसे कमजोर होंगे तो...', ईरान-US वार्ता हुई फेल तो पाकिस्तान पर भड़के सैयद नसीरुद्दीन चिश्ती
Iran America Peace Talk: ईरान और अमेरिका के बीच शांति वार्ता विफल हो गई है. इस बीच ऑल इंडिया सूफी सज्जादानशीन काउंसिल (एआईएससी) के अध्यक्ष सैयद नसुरुद्दीन ने प्रतिक्रिया दी है.

ईरान और अमेरिका के बीच पाकिस्तान के इस्लामाबाद में हुई शांति वार्ता फेल हो गई है. दोनों देश किसी भी नतीजे पर नहीं पहुंचे. इसकी जानकारी अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने दी है. इस बीच भारत में इस शांति वार्ता में कुछ समझौता न होने के बाद प्रतिक्रियाओं का दौर शुरू हो गया है.
इसी क्रम में अजमेर के ऑल इंडिया सूफी सज्जादानशीन काउंसिल (एआईएससी) के अध्यक्ष सैयद नसीरुद्दीन ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि जब शांतिदूत कमजोर होते हैं तो वार्ताएं ऐसे ही विफल होती हैं. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान जैसे देश को शांतिदूत बनाया गया. जिसका बहुत पुराना काला अध्याय दुनिया के सामने मौजूद है. किस तरह से उसने आतंकवाद को बढ़ावा दिया और समर्थन दिया. वही आज शांति के दूत बने हुए हैं.
'अमेरिका की नीयत खराब रही है'
इससे पता लग रहा है कि अमेरिका कैसे लोगों का सहयोग मांग रहा है. उसकी नीयत शुरू से ही खराब रही है. उन्होंने कहा कि इस जगह पर अगर भारत शांति के दूत के रूप में होता तो मजबूती के साथ वार्ता होती और मजबूती के साथ कोई न कोई समझौता हो जाता.
उन्होंने आगे कहा कि पाकिस्तान के मंत्रियों का आव-भाव ऐसा था जैसे उन्होंने बहुत बड़े बादशाह को बुला लिया हो. उसके पीछे हाथ बांध कर घूम रहे हैं. इस वार्ता के विफल होने का सबसे कारण यही है कि पाकिस्तान जैसे कमजोर देश को वार्ता के लिए शांतिदूत बनाया गया, जिसका बैकग्राउंड शुरू से ही खराब रहा है.
पूरी दुनिया इस युद्ध की चपेट में है- सैयद नसुरुद्दीन
उन्होंने कहा कि उम्मीद थी कि यह वार्ता सफल हो जाए क्योंकि पूरी दुनिया इस युद्ध की चपेट में है. पूरी दुनिया को अमेरिका और इजरायल ने इस युद्ध में झोंक दिया है. आगे देखना होगा कि क्या होता है यह वार्ता तो विफल हो चुकी है.
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Source: IOCL


























