Farmer Protest: केंद्र सरकार और किसानों के बीच एक बार फिर से विवाद खड़ा हो सकता है. किसान आंदोलन की अगुवाई करने वाले संयुक्त किसान मोर्चा (Sanyukt Kisan Morcha) ने केंद्र सरकार से न्यूनतम समर्थन मूल्य गारंटी कानून पर बनने वाली कमेटी को लेकर सवाल खड़े किए हैं. संयुक्त किसान मोर्चा ने केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के दावे को लेकर भी हैरानी जताई है.

नरेंद्र सिंह तोमर ने बुधवार को कहा था कि एमएसपी गारंटी कानून पर कमेटी बनाने के लिएवो संयुक्त किसान मोर्चा की ओर से भेजे जाने वाले नामों का इंतजार कर रहे हैं. संयुक्त किसान मोर्चा का कहना है कि जब तक केंद्र सरकार कमेटी और उसमें हिस्सा लेने वाले मेंबर्स की भूमिका साफ नहीं करती है तब तक वो अपने नेताओं के नाम नहीं भेजेंगे.

संयुक्त किसान मोर्चा ने कहा, ''केंद्र सरकार को हमारी ओर से 24 मार्च के दिन एक मेल भेजा गया था. हमने मेल में कमेटी की भूमिका स्पष्ठ करने को कहा. हम जानना चाहते हैं कि एसकेएम के अलावा कमेटी में और कौन सदस्य होंगे. कमेटी का चेयरमैन कौन होगा और यह कैसे काम करेगी.''

नरेंद्र तोमर से मांगा गया जवाब

संयुक्त किसान मोर्चा ने आगे कहा, ''कमेटी को कितने दिन में एमएसपी गारंटी कानून को लेकर अपनी रिपोर्ट भेजनी होगी. इसके अलावा कमेटी की सिफारिशों को लागू करना केंद्र सरकार की जिम्मेदारी है या नहीं. इन सब बातों पर हमें जवाब चाहिए.''

संयुक्त किसान मोर्चा ने केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर से इन सब बातों पर जल्द से जल्द स्थिति साफ करने को कहा है. बता दें कि तीन कृषि कानूनों और एमएसपी गारंटी को लेकर संयुक्त किसान मोर्चा की अगुवाई में एक साल से ज्यादा समय तक दिल्ली में आंदोलन चला था. 

Punjab में शनिवार से हो सकती है 300 यूनिट बिजली फ्री, सीएम भगवंत मान करेंगे बड़ा एलान