शिरोमणि अकाली दल के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने नांदेड़ के गुरुद्वारा साहिब में सरदार सुखबीर सिंह बादल हुए हमले की जांच नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) से कराने की मांग की है. उन्होंने इस हमले को परेशान करने वाली घटना बताया है और कहा कि इसे हल्के में नहीं लिया जा सकता है.
इस मामले को लेकर SAD नेता मजीठिया ने अपने सोशल मीडिया हैंडल एक्स के जरिए पोस्ट किया है और कहा कि दोनों घटनाएं इंटेलिजेंस और सुरक्षा में चूक को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती हैं कि आखिर सुरक्षा इंतजामों के बावजूद हमलावर Z-प्लस सुरक्षा प्राप्त व्यक्ति के इतने करीब कैसे पहुंच गया?
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हमलों की हो जांच
मजीठिया ने कहा कि दिसंबर 2024 में दरबार साहिब में सरदार सुखबीर बादल पर हुए हमले और नांदेड़ हमले की जांच एक साथ होनी चाहिए. इससे संभावित साजिश, नेटवर्क या उनके मकसद का पता चल सकेगा.
मजीठिया ने सवाल किया कि आखिर दरबार साहिब में सुखबीर बादल की हत्या की कोशिश के बाद नारायण सिंह चौड़ा को कुछ ही महीनों में जमानत कैसे मिल गई और वो जेल से बाहर कैसे आ गया? उसकी रिहाई से जुड़े हालात और मामले की प्रगति की जांच होनी चाहिए. उन्होंने सवाल किया कि आखिर गुरुद्वारे के अंदर गद्दार कौन है? कौन इस मामले को छुपा रहा है?
मजीठिया ने सुरक्षा पर उठाये सवाल
मजीठिया ने आगे कहा, 'नांदेड़ का हमलावर कथित तौर पर गुरुद्वारे में सेवादार के तौर पर काम कर रहा था. वो हमला करने के लिए सुखबीर बादल के इतने करीब कैसे पहुंचा? इससे इंटेलिजेंस और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं.'
मजीठिया ने मांग की कि इन इंटेलिजेंस चूकों की विस्तृत जांच होनी चाहिए. पता लगाया जाना चाहिए कि इंटेलिजेंस के पास क्या जानकारी उपलब्ध थी, किसके पास थी और खतरों का सही आकलन क्यों नहीं किया गया?
मजीठिया ने इस हमले के पीछे बड़ी साजिश की संभावना जताते हुए कहा कि हो सकता है कि इस हमले की साजिश के पीछे आतंकी या विदेशी नेटवर्क का कनेक्शन हो और इसकी पूरी जांच होनी चाहिए.
मजीठिया ने की NIA जांच की मांग
मजीठिया ने दोनों हमलों की जांच NIA से कराने की मांग की. उन्होंने लिखा, 'मैं महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री से मांग करता हूं कि वे नांदेड़ साहिब हमले की जांच NIA को सौंपें ताकि साजिश, मकसद, हमलों के पीछे का नेटवर्क और उन इंटेलिजेंस चूकों का पता लगाया जा सके, जिनकी वजह से ये हमले हुए हैं."
मजीठिया ने अंत में लिखा कि यह केवल सरदार सुखबीर सिंह बादल की बात नहीं है. यह देश के राजनीतिक नेताओं की सुरक्षा और हमारे धार्मिक स्थलों की सुरक्षा और पवित्रता की बात है. सच क्या है ये सामने आना चाहिए.
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