प्रवर्तन निदेशालय द्वारा आम आदमी पार्टी के नेता और राज्यसभा में डिप्टी लीडर अशोक मित्तल के घर और दफ्तर और छापेमारी के बीच पंजाब सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. राज्य सरकार ने राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा को दी गई सिक्योरिटी वापस ले ली है.
वर्ष 2022 में पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार आने के कुछ समय बाद राघव चड्ढा को पंजाब सरकार ने सुरक्षा उपलब्ध कराई थी. उसके बाद से यह सिक्योरिटी बदस्तूर जारी थी. राज्यसभा में डिप्टी लीडर के पद से हटाए जाने के बाद इस बात के आसार जताए जा रहे थे कि चड्ढा से सिक्योरिटी वापस ली जाएगी. राघव के पास अभी तक पंजाब सरकार की ओर से जेड प्लस सिक्योरिटी दी थी.
केंद्र सरकार बढ़ाएगी सिक्योरिटी?
उधर सूत्रों की खबर है कि राघव चड्ढा को केंद्र सरकार ने Z सुरक्षा दे सकती है. केंद्र सरकार द्वारा दिल्ली-पंजाब में राघव को Z सुरक्षा दी जा सकती है. दिल्ली-पंजाब के अलावा Y प्लस सुरक्षा घेरा रह सकता है.
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बीते दिनों आम आदमी पार्टी ने चड्ढा को राज्यसभा में पार्टी के उपनेता के पद से हटाया है. चड्ढा के बाद आम आदमी पार्टी ने राज्यसभा सांसद अशोक मित्तल को राज्यसभा में पार्टी का उपनेता बनाया है.
इस मामले पर आप प्रमुख प्रवक्ता प्रियंका कक्कड़ ने कहा, “राजनीति में कोई संयोग नहीं होता. यह संयोग नहीं है कि राघव चड्ढा को आम आदमी पार्टी ने राज्यसभा में उपनेता के पद से हटा दिया है और उनकी जगह अशोक मित्तल को नियुक्त किया गया है. आज उनके यहां छापा भी पड़ रहा है. हाल ही में हमें कथित स्रोतों से जानकारी मिली है कि बीजेपी के शीर्ष नेताओं ने राघव चड्ढा के साथ एक बैठक की थी. उस बैठक में यह तय हुआ था कि राघव चड्ढा को Z+ सुरक्षा दी जाएगी और अशोक मित्तल पर छापा डाला जाएगा. यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है.”
