पंजाब की पूर्व मुख्यमंत्री राजिंदर कौर भट्टल अपने एक बयान की वजह से चर्चा में हैं. एक इंटरव्यू में उन्होंने दावा किया कि राज्य में दोबारा सरकार बनाने के लिए 'बम ब्लास्ट' का सहारा लेने का उन्हें प्रपोजल मिला था. उनके इस बयान से राजनीतिक गलियारों में भूचाल आ गया. पूर्व मुख्यमंत्री के इस बयान पर शिरोमणी अकाली दल (पुनर सुरजीत) की तरफ से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पंजाब में 1996 और 1997 की सच्चाइयों की जांच के लिए स्वतंत्र आयोग के गठन करने की मांग रख दी है. वहीं बीजेपी ने कांग्रेस से राजिंदर कौर के बयान पर सफाई मांगी है.

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मैंने अधिकारियों को फटकार लगाई- पूर्व सीएम

टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक, राजिंदर कौर भट्टल ने कहा कि सरकार में वापसी के लिए इस प्रपोजल को उन्होंने खारिज कर दिया था. उनको यह प्रपोजल कुछ अधिकारियों की तरफ से मिला था. उन्होंने कहा कि वह लाशों के सहारे शासन नहीं करेंगी. भट्टल ने कहा, "मैंने मना कर दिया." राजिंदर कौर ने इंटरव्यू में बताया कि उस वक्त उन्होंने अधिकारियों की फटकार लगाई थी. 

पूर्व सीएम के बयान की जांच की उठी मांग

शिरोमणी अकाली दल (पुनर सुरजीत) के अध्यक्ष ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने उनके बयान पर जांच की मांग कर दी है. अध्यक्ष ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, "कांग्रेस की वरिष्ठ राजिंदर कौर ने एक इंटरव्यू में बड़ा खुलासा किया है, जिसमें कहा गया कि उनकी सरकार के समय अधिकारियों ने ट्रेनों और कुछ बाजारों में धमाके किए जाएं तो हमारी सरकार बन सकती है."

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उन्होंने आगे लिखा, "इसका मतलब है कि पिछले सालों में जितने भी बम धमाके हुए हैं. हो सकता है कि वह नौकरशाही सरकारें बनाने में मदद करने के लिए किए गए हों."  ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने मामले की गहन जांच की सिफारिश की है. 

अधिकारियों के नाम सार्वजनिक करने की मांग

ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने राजिंदर कौर से इस खुलासे  के बाद बड़ी मांग कर दी है. उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री को सामने आकर उन अधिकारियों और सलाहकारों के नाम सार्वजनिक रूप से सामने लाने चाहिए. उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने राजनीतिक फायदे के लिए राज्य में बम विस्फोट करने का प्रस्ताव रखा था उन सभी लोगों के चेहरे सामने आने चाहिए. 

बीजेपी ने कांग्रेस पर साधा निशाना

पंजाब बीजेपी के प्रवक्ता प्रितपाल सिंह बलियावाल ने कांग्रेस पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि राजिंदर कौर के दावे में जो प्रस्ताव का जिक्र किया गया है वह अधिकारियों द्वारा नहीं बल्कि खुद कांग्रेस के नेताओं ने दिया था. पंजाब के अंदर उस समय के लिए कांग्रेस पूरी तरह जिम्मेदार है. 

बता दें कि राजिंदर कौर भट्टल 21 नवंबर, 1996 को मुख्यमंत्री बनीं. वह पंजाब की पहली और एकमात्र महिला मुख्यमंत्री थीं. उन्हें हरचरण सिंह बराड़ के इस्तीफे के बाद मुख्यमंत्री नियुक्त किया गया था. वह 11 फरवरी, 1997 तक मुख्यमंत्री रहीं.