Punjab News: पंजाब में बिजली विभाग के ठेका कर्मचारियों के साथ हादसे लगातार जारी हैं. पिछले दो दिनों में बिजली उपकरणों की मरम्मत करते समय करंट लगने से दो ठेका कर्मचारियों की दुखद मौत हो गई है, जबकि एक और वर्कर गंभीर रूप से झुलस गया है और उसकी हालत गंभीर बनी हुई है.

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पावरकॉम और ट्रांसको कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स यूनियन पंजाब के प्रधान बलिहार सिंह और जनरल सेक्रेटरी राजेश मौद ने कहा कि सरहदी जोन क्षेत्र में काम करते गुरप्यार सिंह और सुनील कुमार की ड्यूटी के दौरान करंट लगने से मौत हो गई. एक और ठेका कामगार गंभीर जख्मी है और अस्पताल में दाखिल है.

300 कामगारों की मौत हो गई 

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यूनियन नेताओं का कहना है कि पंजाब में अब तक 300 से ज्यादा कामगारों की करंट लगने से जान चली गई है, जबकि सैकड़ों अपाहिज हो गए हैं. उनका दोष है कि सरकार और पावरकॉम प्रबंधन लगातार बिजली विभाग को निजी हाथों में सौंप रहे हैं, जिससे ठेका कामगारों की सुरक्षा से समझौता हो रहा है.

यूनियन के मुताबिक, ठेका कामगारों को उचित सुरक्षा उपकरण प्रदान नहीं किए जाते हैं, न ही किसी हादसे की सूरत में उचित मुआवजे, स्थायी नौकरी या पेंशन की कोई गारंटी है. खराब प्रबंधन और लापरवाही के कारण, आउटसोर्स किए गए कामगार रोजाना काम करने के लिए मजबूर हैं, अपनी जान जोखिम में डालकर.

यूनियन नेताओं ने क्या मांग की?

यूनियन नेताओं ने मांग की कि ठेका कर्मचारियों को सीधे तौर पर विभाग में शामिल किया जाए और उन्हें नियमित कर्मचारियों की तरह ही सुविधाएं प्रदान की जाएं, जिसमें बेहतर सुरक्षा उपकरण, दुर्घटना की स्थिति में सरकारी मुआवजा, स्थायी नौकरी और गारंटीशुदा पेंशन शामिल है. उन्होंने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने जल्दी ही इस मसले का हल नहीं किया तो यूनियन आंदोलन करने के लिए मजबूर होगी.

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