Punjab News: पंजाब वासियों में इस समय हाहाकार मचा हुआ है. एक जानलेवा बीमारी ने कई लोगों को अपना शिकार बना लिया है. सरहदी क्षेत्र में एच. आई. वी. पॉजिटिव मरीजों का आंकड़ा दिनोदिन बढ़ता जा रहा है. पिछले छह सालों में 3247 करीब नए एच. आई. वी पॉजिटिव मरीज सामने आए हैं. पंजाब और भारत सरकार ने पॉजिटिव मरीजों का जीवन सुरक्षित करने के लिए कई स्कीमों तहत मुफ्त दवा की जहां सुविधा दी है, वहीं लोगों में जागरूकता लाकर उन्हें इस बीमारी के बचाव के लिए दिशा-निर्देश जारी किए जा रहे हैं.

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जानें कैसे फैल रही यह बीमारी?

जानकारी मुताबिक एच. आई. वी एक वायरस है. एच. आई. वी. से इन्फेक्टेड व्यक्ति अपनी बाकी की जिंदगी में इस वायरस से पीड़ित रहता है. यह बीमारी जान लेवा भी साबित हो सकती है. अगर इसका निर्धन समय पर इलाज न करवाया जाए. यह वायरस यौन संपर्क, नशीली दवाओं के सेवन, साझा सुइयों के इस्तेमाल और नियमों से उलट चढ़ाए गए खून आदि के तहत फैलता है.

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पिछले 5 साल की रिपोर्ट

भारत सरकार और पंजाब सरकार ने एचआईवी से ग्रस्त मरीजों की कीमती जान बचाने के लिए भले ही जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है साथ ही मुफ्त दवा भी उपलब्ध करवाई जा रही है. बीमारी से ग्रस्त मरीजों को सारी उम्र दवा का सेवन करना पड़ता है जो कि सरकारी केंद्रों में मुफ्त में उपलब्ध करवाई जाती है. स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक साल 2019, 20 में बीमारी से ग्रस्त लोगों की गिनती 581 थी साल 2020 ,21 में गिनती 329 हो गई साल 2021, 22 में गिनती 396 साल 2022, 23 में 587 साल 2023,24 में 742 साल 2024,25 में गिनती 689 के करीब पहुंच गई.

जिले में 12 के करीब सेंटर चलाए जा रहे

स्वास्थ्य विभाग के एच. आई. वी./एड्स कंट्रोल प्रोग्राम के जिला अधिकारी डॉक्टर विजय गोतवाल ने बताया कि बीमारी की रोकथाम के लिए जिले में 12 के करीब सेंटर चलाए जा रहे हैं, जिनमें मुफ्त दवा मरीजों को उपलब्ध करवाई जा रही है. इसके अलावा उक्त वर्ग के मरीजों का जहां मुफ्त चेकअप किया जाता है, वहीं समय-समय पर स्क्रीनिंग भी की जा रही है. उन्होंने कहा कि एच. आई. वी से ग्रस्त महिलाओं के गर्भ धारण के समय विशेष प्रकार की दवा देकर गर्भ में पल रहे बच्चे की जान सुरक्षित की जा सकती है. डॉक्टर विजय गोतवाल के मुताबिक स्वास्थ्य विभाग पूरी मुस्तैदी के साथ एच. आई. वी से ग्रस्त मरीजों का ध्यान रखकर उन्हें दवा उपलब्ध करवा रहा है.

वायरस आसानी से करता घात

स्वास्थ्य विभाग के माहिर और इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के टीबी कंट्रोल प्रोग्राम के नोडल अधिकारी डॉक्टर नरेश चावला ने बताया कि टीबी के मरीजों द्वारा अगर निर्धारित समय पर दवा का सेवन नहीं किया जाता तो उनकी बीमारी जहां गंभीर बन जाती है, वहीं इम्युनिटी कमजोर मरीजों को एच. आई. वी होने का डर बना रहता है. उन्होंने बताया कि मरीज के अंदर यह वायरस आसानी से घात कर सकता है, मरीजों को जहां अपना खास ध्यान रखना चाहिए, वहीं विभाग की गाइडलाइन की पालना भी करनी चाहिए.