केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने संसद में लगभग 17 साल बिताने के बाद बुधवार को पंजाब की जनता के लिए काम करने की इच्छा व्यक्त की, जिससे संकेत मिलता है कि वह राज्य में आगामी विधानसभा चुनाव लड़ना चाहते हैं. उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब राज्यसभा में उनका कार्यकाल इसी महीने के अंत में समाप्त होने वाला है.
बिट्टू ने यहां कहा, 'दिल्ली में 17 साल (लोकसभा और राज्यसभा में) हो गए हैं. अब मुझे विधानसभा में आकर पंजाब के लिए काम करने का मन कर रहा है.'
नव नियुक्त पंजाब भाजपा अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों के पदभार ग्रहण करने के बाद एक सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, 'हमारा पूरा नेतृत्व आज यहां मौजूद है और पंजाब की सेवा के लिए पूरी तरह तैयार है. हमें कार्य सौंपिए, हम पंजाब की बेहतरी के लिए गांवों, गलियों में जाएंगे और हर घर का दरवाजा खटखटाएंगे.'
पंजाब के किस विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ेंगे बिट्टू?
उन्होंने कहा, 'हमारा असली उद्देश्य प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का सिपाही बनकर जमीनी स्तर पर लोगों से जुड़ना है.' केंद्रीय रेल और खाद्य प्रसंस्करण उद्योग राज्य मंत्री बिट्टू ने कहा कि भाजपा ने संसदीय चुनाव हारने के बावजूद उन्हें मंत्री बनाया. बिट्टू की टिप्पणियों ने राजनीतिक हलकों में इस बात पर बहस छेड़ दी कि वह कौन से निर्वाचन क्षेत्र से विधानसभा चुनाव लड़ सकते हैं. बिट्टू कांग्रेस के टिकट पर तीन बार लोकसभा सांसद रहे.
बिट्टू के इस बयान पर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने दावा किया कि BJP नेता जल्द ही अपना मंत्री पद और राज्यसभा सीट, दोनों खो देंगे. केंद्रीय मंत्री पर तंज कसते हुए मान ने कहा कि BJP ने बिट्टू से विधानसभा चुनाव जीतकर अपनी काबिलियत साबित करने को कहा है. पंजाब विधानसभा चुनाव अगले साल की शुरुआत में होने हैं. बिट्टू की टिप्पणियों से राजनीतिक गलियारों में इस बात पर बहस छिड़ गई है कि वे विधानसभा चुनाव कहाँ से लड़ सकते हैं.
