युवा कांग्रेस की पंजाब इकाई के अध्यक्ष मोहित मोहिंद्रा ने शुक्रवार को कहा कि पार्टी ने 2027 के पंजाब विधानसभा चुनाव में 60 से 70 प्रतिशत ‘युवा’ उम्मीदवारों को मैदान में उतारने का प्रस्ताव रखा है. मोहिंद्रा ने इस निर्णय का श्रेय पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग को दिया. बता दें राज्य विधानसभा में कुल 117 सीटें हैं. अगर मोहिंद्रा के दावे आधार पर सीटों का प्रतिशत देखें तो कांग्रेस 70-82 सीटों पर युवा उम्मीदवार उतार सकती है.
उन्होंने कहा कि भारत दुनिया के उन देशों में गिना जाता है जहां की अधिकांश आबादी युवा है और इस ताकत का प्रतिबिंब राजनीतिक नेतृत्व में भी दिखना चाहिए.
मोहिंद्रा ने कहा, 'पंजाब के जनसांख्यिकीय लाभांश का प्रभावी ढंग से उपयोग करने का समय आ गया है.'
उन्होंने कहा कि इस कदम से युवा नेतृत्व के लिए लगभग 70 प्रतिशत अधिक अवसर सृजित होंगे और यह लोकतांत्रिक नवीनीकरण, समावेशिता तथा भविष्योन्मुखी राजनीति के प्रति कांग्रेस की प्रतिबद्धता को दर्शाता है.
पंजाब विधानसभा चुनाव में क्या मुद्दे होंगे?
युवा प्रतिनिधित्व पर जोर देते हुए मोहिंद्रा ने कहा कि यह अब कोई विकल्प नहीं, बल्कि अनिवार्यता बन चुका है, खासकर ऐसे समय में जब पंजाब बेरोजगारी, नशीली दवाओं के दुरुपयोग, कानून-व्यवस्था की चुनौतियों और शासन में जनता के घटते विश्वास जैसी समस्याओं का सामना कर रहा है.
उन्होंने कहा, 'युवाओं को आगे आकर जिम्मेदारी लेनी चाहिए और बेहतर पंजाब तथा मजबूत भारत के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए. पंजाब को इस समय युवा नेतृत्व की जरूरत है.'
मोहिंद्रा ने आम आदमी पार्टी सरकार की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि वह युवाओं से किए गए अपने वादों को पूरा करने में नाकाम रही है.
बता दें पंजाब में अगले वर्ष 2027 में विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं. यह चुनाव फरवरी से मार्च के बीच हो सकते हैं. कांग्रेस का मुकाबला सत्तारूढ़ दल आम आदमी पार्टी से होगा. वहीं शिरोमणि अकाली दल और भारतीय जनता पार्टी संभवतः अलग-अलग चुनाव लड़ें. हालांकि दावा किया जा रहा है कि आगामी चुनावों के लिए बीजेपी और शिअद आ सकते हैं.