Pathankot Fire Incident: पंजाब के पठानकोट के भोआ मोहल्ला सरांई में आगजनी की एक घटना के दौरान किराना कारोबारी पिता-पुत्र की दर्दनाक मौत हो गई. बताया जा रहा है कि दोनों अपनी दुकान में लगी आग बुझाने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन धुएं के कारण दम घुटने से दोनों बेहोश हो गए और फिर आग से बुरी तरह झुलसने के कारण उनकी जान चली गई.
मृतकों की पहचान 60 साल के राधे श्याम और उनके 31 साल के बेटे दीक्षित शर्मा के रूप में हुई है. राधे श्याम दो साल पहले एमईएस से रिटायर हुए थे. फिलहाल थाना सदर पुलिस मामले की जांच कर रही है और दोनों लाशों को पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल भेज दिया गया है.
पहली मंजिल पर लगी थी आग
स्थानीय निवासी दर्शन सिंह ने बताया कि राधे श्याम और उनका पुत्र कस्बे में किराना का कारोबार करते थे. गुरुवार सुबह करीब 5 से 5:30 बजे शर्मा जनरल स्टोर की पहली मंजिल पर रखी खाली गत्ते की पेटियों में आग लग गई. सूचना मिलते ही पिता-पुत्र दुकान पहुंचे और आग बुझाने के लिए ऊपर चले गए.
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लोगों के मुताबिक, उस समय आग की लपटों के साथ भारी धुआं फैल चुका था, जिसके कारण कोई अन्य व्यक्ति ऊपर नहीं जा सका. नीचे आग ना होने के कारण दोनों पहली मंजिल पर आग बुझाने के लिए चले गए. करीब दो घंटे तक दोनों के नीचे नहीं आने पर परिवार और आसपास के लोग परेशान हो गए.
दरवाजा खुलते ही सामने आया दर्दनाक मंजर
स्थानीय युवकों ने पड़ोसी मकान की छत के रास्ते दुकान की ऊपरी मंजिल तक पहुंचने की कोशिश की. करीब ढाई घंटे बाद हथौड़ों से दरवाजे के कब्जे तोड़कर रास्ता खोला गया. दरवाजा खुलते ही सभी के होश उड़ गए. राधे श्याम और दीक्षित अंदर बेहोशी की हालत में पड़े मिले और दोनों बुरी तरह झुलस चुके थे.
लोगों ने तुरंत उन्हें बाहर निकाला और एंबुलेंस के जरिए सिविल अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. वहीं, लोगों का कहना है कि दोनों छत तक पहुंचने से सिर्फ कुछ सीढ़ियां दूर थे. अगर वे समय रहते दरवाजा खोल पाते, तो शायद उनकी जान बच सकती थी.
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