Punjab News: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार लगातार ऐसे काम कर रही है, जिससे रंगला पंजाब का सपना साकार हो रहा है. मान सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि सड़क पर चलने वाला हर व्यक्ति सुरक्षित अपने दफ़्तर, घर या गंतव्य तक पहुंचे. इसी संकल्प के साथ पंजाब में सड़क सुरक्षा फोर्स (एसएसएफ) का गठन किया गया था. सड़क सुरक्षा फोर्स ने अपने कामों से बीते 2 वर्ष में सफलता की अनूठी कहानी लिखी है.
हादसों में होने वाली मौतों में आई कमी
मान सरकार द्वारा पंजाब में सड़क सुरक्षा फोर्स के गठन के बाद सड़क सुरक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार दर्ज किया गया है. किसी भी तरह की दुर्घटना की स्थिति में एसएसएफ की तत्काल पहुंच, पीड़ितों को प्राथमिक सहायता और समय पर इलाज मिलने के कारण राज्य में सड़क हादसों में मौतों की दर में 48 प्रतिशत की कमी आई है.
मान की इस पहल के चलते पंजाब में दुर्घटनाओं में ऑन-द- स्पॉट होने वाली मौतों पर रोकथाम लगी है. साल 2020 में सड़क दुर्घटनाओं में जहां 1,955 लोगों ने जान गंवाई, वहीं साल 2024 में हाईवे पर होने वाली ऑन-द-स्पॉट मौतों की संख्या घटकर 1,016 रह गई है. एसएसएफ ने वक्त पर हादसे वाली जगह पर पहुंचकर अब तक 940 लोगों की जान बचाई है.
सड़क दुर्घटनाओं में 6 मिनट में पहुंच रही मदद
पंजाब की सड़क सुरक्षा फोर्स में मौजूदा वक्त में करीब 1500 कर्मचारी तैनात हैं. इन्हें 144 अत्याधुनिक व पूर्ण रूप से सुसज्जित वाहन उपलब्ध कराए गए हैं. राज्यमें औसतन हर 30 किलोमीटर पर इस फोर्स की एक टीम तैनात रहती है. किसी भी तरह की सड़क दुर्घटना होने पर यह फोर्स औसतन 6 से 6.5 मिनट में मदद के लिए पहुंच जाती है.
आधुनिक उपकरणों जैसेकटर और फर्स्ट एड किट सेलैस येगाड़ियांएआई (AI) और बैकएंड सपोर्ट की मदद से लगातार काम कर सड़क हादसों में होने वाली जन हानि की रोकथाम कर रही हैं. इस फोर्स की मौजूदगी सेन सिर्फ हादसों में कमी आई है, बल्कि हाईवे पर होने वाली लूट और चोरी की घटनाओं पर भी लगाम लगी है.
शानदार सड़कों से कम हुए हादसे
पंजाब में तकरीबन 43,000 किलोमीटर सड़कों का निर्माण किया जा रहा है. गांवों को प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्गों से जोड़ा जा रहा है. आंकड़ों के मुताबिक, पंजाब मेंअच्छी सड़कों के चलते कुल सड़क हादसे 4,700 से घटकर 2,338 पर आ गए हैं. मान सरकार की दृढ़ इच्छाशक्ति और दूरदर्शी विजन से यह सफलता मिली है.
जोखिम से बाहर निकली किलर रोड
सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में मिली शानदार सफलता का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान बताते हैं कि पंजाब में सड़क हादसों में मौतों की दर में 48 प्रतिशत की कमी आई है, इसी कारण अन्य राज्यों ने इस मॉडल में रुचि दिखाई है. सड़क सुरक्षा फोर्स ने ‘खूनी सड़क’ (किलर रोड) के रूप में पहचानी जाने वाली पटियाला-सर हिंद रोड जैसी दुर्घटना संभावित जगहों को जोखिम की स्थिति से बाहर निकालने में अहम भूमिका निभाई है.
पंजाब में एक समय ऐसा भी था जब सड़क हादसों में होने वाली मौतों के मामले में राज्य देश के शीर्ष तीन राज्यों में शामिल था. लेकिन अब यह स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है और पीड़ितों को तुरंत अस्पताल पहुंचाने तथा समय पर इलाज मिलने से बहुमूल्य जिंदगी बच रही है.
