Punjab News: फसलों पर एमएसपी की कानूनी गारंटी समेत विभिन्न मांगों पर चर्चा के लिए प्रदर्शनकारी किसानों और केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के बीच बैठक खत्म हो गई. बैठक के बाद शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि किसान नेताओं की बात को सुना है, बहुत अच्छी चर्चा हुई है, अगली बैठक 19 मार्च को होगी. वहीं अब इस मीटिंग पर पंजाब के मंत्री हरपाल चीमा का भी बयान सामने आया है.
मंत्री हरपाल चीमा ने कहा, "केंद्र के नेताओं ने जगजीत सिंह डल्लेवाल जी से अपना अनशन खत्म करने के लिए बोला है लेकिन डल्लेवाल जी ने कहा है की जब तक हमारी मांग नहीं मानी जाएगी में अपना अनशन ख़त्म नहीं करूंगा." उन्होंने आगे कहा कि डिटेल में एमएसपी लीगल गारंटी पर चर्चा हुई. किसानों ने इसके संबंध में डाटा भी दिया है. ये डाटा केंद्र सरकार के साथ साझा किया जाएगा. डाटा को लेकर डिफरेंस ऑफ ओपिनियन था इसलिए किसानों की तरफ से डाटा केंद्र सरकार से साझा किया जाएगा.
किसानों ने रखी ये मांगेंहरपाल चीमा ने आगे कहा, "किसान संगठनों ने एमएसपी पर लीगल गारंटी की मांग की है. हमें विश्वास है कि किसानों की मांगों का हल निकलेगा. किसानों ने एक ही मांग रखी है कि एमएसपी पर लीगल गारंटी मिले. तीनों मंत्रियों ने भूख हड़ताल को खत्म करने की बात की, लेकिन डल्लेवाल जी ने कहा कि जब तक मामले का सॉल्यूशन नहीं निकलेगा तब तक भूख हड़ताल खत्म नहीं होगी."
बैठक में ये नेता रहे मौजूदबता दें कि शनिवार (22 फरवरी) को केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान, केंद्रीय मंत्री प्रहलाद जोशी के साथ 28 सदस्यीय किसान प्रतिनिधिमंडल से मिलने के लिए शाम 6:05 बजे बैठक स्थल महात्मा गांधी लोक प्रशासन संस्थान पहुंचे.बैठक में पंजाब के कैबिनेट मंत्री हरपाल सिंह चीमा, गुरमीत सिंह खुड्डियां और लाल चंद कटारूचक भी मौजूद थे,
आमरण अनशन पर बैठे हैं जगजीत सिंह डल्लेवालगौरतलब है कि जगजीत सिंह डल्लेवाल और सरवन सिंह पंढेर समेत किसानों का प्रतिनिधिमंडल पहले ही बैठक स्थल पर पहुंच गया था. डल्लेवाल (70) केंद्र पर आंदोलनकारी किसानों की मांगों को स्वीकार करने का दबाव बनाने के लिए 26 नवंबर, 2024 से पंजाब और हरियाणा के बीच खनौरी सीमा पर आमरण अनशन पर हैं.
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