Punjab News: पंजाब सरकार ने जमीन प्लॉट आदि की सभी रजिस्ट्रियों के लिए नियमों को कड़ा कर दिया है. नए साल 2026 से तहसील कार्यालयों में नए नियम लागू होने के कारण नंबरदारों, सरपंचों और अन्य सभी गवाहों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा.
गवाही को लेकर लागू हुआ यह नियम
अब जमीन रजिस्ट्रेशन में बड़ा बदलाव किया गया है. नंबरदार और अन्य गवाहों की गवाही बिना ओटीपी और आधार कार्ड के मान्य नहीं होगी. तहसील कार्यालय में रजिस्ट्रेशन के दौरान धोखाधड़ी के मामले अक्सर सामने आते हैं. सरकार का मानना है कि आधार से जुड़े ई-केवाईसी को लागू करने से रजिस्ट्रेशन में धोखाधड़ी रोकी जा सकेगी.
सरकार ने लागू किया आधार-आधारित ई-केवाईसी
रजिस्ट्रेशन में धोखाधड़ी और जालसाजी को रोकने के लिए पंजाब सरकार ने तहसीलों में आधार-आधारित ई-केवाईसी अनिवार्य कर दिया है. इस पहल के तहत रजिस्ट्रेशन के दौरान बायोमेट्रिक/आधार ऑथेंटिकेशन के माध्यम से खरीदार और विक्रेता दोनों की पहचान वेरिफाई की जाएगी.
सरकार का दावा है कि इस पहल से जाली रजिस्ट्रेशन और जाली पहचान के आधार पर धोखाधड़ी रुकेगी और जमीन के रिकॉर्ड में पारदर्शिता आएगी. सरकार ने इस बारे में उप-रजिस्ट्रार कार्यालयों को लिखित आदेश जारी किए हैं.
गौरतलब है कि पहले रजिस्ट्रार कार्यालयों में आधार-आधारित ई-केवाईसी लागू नहीं था. इसलिए, रजिस्ट्रेशन के समय खरीदार और विक्रेता की पहचान पक्की करने के लिए संबंधित तहसीलों में बायोमेट्रिक मशीनें उपलब्ध कराई जाएंगी.
जालसाजी पर लगी रोक
गौरतलब है कि तहसील कार्यालय में रजिस्ट्रेशन के दौरान अक्सर धोखाधड़ी वाले रजिस्ट्रेशन के मामले सामने आते हैं. सरकार का मानना है कि आधार-लिंक्ड ई-केवाईसी लागू होने से रजिस्ट्रेशन में धोखाधड़ी रुक जाएगी और मरे हुए व्यक्ति को जिंदा रजिस्टर करने, नकली पहचान के जरिए प्रॉपर्टी ट्रांसफर करने या झूठे गवाह बनाने जैसी गतिविधियों पर रोक लगेगी.
तहसील तलवंडी चौधरियां में नायब तहसीलदार के तौर पर काम कर रहे उप-रजिस्ट्रार ने संपर्क करने पर बताया कि रजिस्ट्रेशन के समय खरीदार और विक्रेता की पहचान करने के लिए आधार-आधारित ई-केवाईसी का इस्तेमाल किया जाएगा.
क्या-क्या करना होगा?
उन्होंने कहा कि अब हर नंबरदार और गवाह को जमीन की रजिस्ट्रेशन करवाते समय अपना मोबाइल, आधार कार्ड और पहचान पत्र लेकर आना होगा. सभी नंबरदारों, गवाहों, जमीन के विक्रेता मालिक और खरीदार को मौके पर ही उनके मोबाइल पर ओटीपी आएगा, जो मौके पर दर्शाकर ही रजिस्ट्रेशन की कार्रवाई की जाएगी.
उन्होंने कहा कि सरकार के इस कदम से यह पक्का हो जाएगा कि प्रॉपर्टी हकीकत में संबंधित व्यक्ति ही खरीद या बेच रहा है. अगर व्यक्ति विदेश में है या खरीदार नाबालिग है और कोई और उसकी जगह रजिस्ट्रेशन करवा रहा है, तो उसकी पहचान वेरिफाई करने के लिए व्यक्ति के आधार और मोबाइल नंबर से ओटीपी लिया जाएगा.