Punjab: पंजाब के शिक्षकों के लिए जरूरी खबर! 15 फरवरी तक देनी होगी ये जानकारी, सख्त निर्देश जारी
Punjab News: पंजाब के शिक्षकों के लिए जरूरी खबर है. CBSE ने सभी मान्यता प्राप्त स्कूलों को निर्देश दिया है कि वे 15 फरवरी तक अपने शिक्षकों की शैक्षिक योग्यता और अन्य जानकारी वेबसाइट पर अपडेट करें.

Punjab School News: पंजाब स्कूलों की टीचरों के लिए एक महत्वपूर्ण खबर सामने आ रही है, जिससे उनमें हाहाकार मचा हुआ है. स्कूलों में पढ़ाने वाले टीचरों को 2 साल के अंदर टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट क्लियर करने संबंधी चल रही खबरों के बीच जहां केंद्र सरकार ने राज्यों से 8वीं तक पढ़ाने वाले टीचरों की जानकारी मांगी है, वहीं अब सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (CBSE) ने भी अपने सभी मान्यता प्राप्त स्कूलों को अपनी वेबसाइट पर बच्चों को पढ़ाने वाले टीचरों की शैक्षिक योग्यता सहित अन्य जानकारियां अपडेट करने का निर्देश जारी किया है.
सभी स्कूलों को 15 फरवरी तक का अल्टीमेटम
जानकारी के मुताबिक, बोर्ड ने सभी स्कूलों को अपनी आधिकारिक वेबसाइटों पर जरूरी सूचनाएं सार्वजनिक करने के लिए 15 फरवरी तक का अल्टीमेटम दिया है. निर्देशों के मुताबिक अब हर सी. बी. एस. ई. स्कूल को अपने टीचरों की विस्तार से डिटेल, उनकी शैक्षिक योग्यता, शैक्षिक ढांचा, बुनियादी सुविधाएं और अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां जरूरी तौर पर अपडेट करनी होंगी.
स्कूल विद्यार्थियों की सुविधाओं के लिए उठाए कदम
हालांकि पहले भी बोर्ड के मान्यता प्राप्त नियमों में इस तरह की जानकारियां सार्वजनिक करने की व्यवस्था है, लेकिन कई स्कूल एक बार मान्यता लेने के बाद बोर्ड की भी परवाह नहीं करते और न ही बोर्ड स्कूलों की अचानक चेकिंग करने की कोई पहल करता है, ताकि यह चेक किया जा सके कि स्कूल विद्यार्थियों की सुविधाओं के लिए क्या कदम उठा रहे हैं. ध्यान देने योग्य है कि इस प्रक्रिया के लिए पहले कोई तय समय सीमा नहीं थी. हालांकि इसे अपडेट करना हमेशा जरूरी था. बोर्ड के ध्यान में आया है कि कई स्कूल इन नियमों का पालन गंभीरता से नहीं कर रहे हैं.
5 लाख रुपये तक का भारी जुर्माना भी लगाया जाएगा
जानकारी की कमी के कारण सबसे ज्यादा परेशानी माता-पिता को सहनी पड़ती है, क्योंकि स्कूल चुनते समय वे अलग-अलग स्कूलों की सुविधाओं और शैक्षिक क्वालिटी का मुकाबला नहीं कर पाते. इस समस्या को खत्म करने के लिए बोर्ड ने अब सख्त डेडलाइन निर्धारित की है. बोर्ड ने स्कूलों की मदद के लिए एक विशिष्ट फॉर्मेट भी जारी किया है, जिसमें विस्तार से बताया गया है कि किन जानकारियों को पोर्टल पर साझा करना है.
सी. बी. एस. ई. ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि अगर कोई स्कूल 15 फरवरी तक इस निर्देश का पालन करने में सफल नहीं होता है तो इसे मान्यता नियमों का उल्लंघन माना जाएगा. जिसके चलते स्कूल पर 5 लाख रुपये तक का भारी जुर्माना भी लगाया जाएगा.
Source: IOCL


























