Farmer Protest: तीन कृषि कानूनों के खिलाफ चल रहे किसान आंदोलन (Farmer Protest) में फूट पड़ने की आशंका नज़र आ रही है. पंजाब की किसान यूनियन ने हरियाणा के नेता गुरनाम सिंह चढूनी (Gurnam Singh Chaduni) को निशाने पर ले लिया है. पंजाब की जत्थेबंदियों ने गुरनाम सिंह चढूनी के मिशन पंजाब पर आपत्ति जताई है और उनका राज्य में जाने पर विरोध करने की धमकी दी है.

संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) में शामिल पंजाब के 32 किसान संगठनों ने गुरनाम सिंह चढूनी से अपना मिशन पंजाब वापस लेने की मांग रखी है. उन्होंने कहा, ''गुरनाम सिंह चढूनी को अपना मिशन पंजाब वापस लेना चाहिए. अगर गुरनाम सिंह चढूनी राजनीतिक कार्यक्रम बंद नहीं करते हैं तो फिर उन्हें हमारे विरोध का सामना करने के लिए तैयार रहना चाहिए.''

पंजाब के किसान संगठनों की ओर से कहा गया, ''अगर चढूनी मिशन पंजाब की बातें लेकर राज्य में आते हैं तो फिर उनके साथ राजनीतिक पार्टी के जैसा बर्ताव किया जाएगा. जिस तरह से एसकेएम पंजाब की तमाम राजनीतिक पार्टियों से सवाल कर रहा है वो सवाल चढूनी से भी होंगे. उनका विरोध किया जाएगा और उनके खिलाफ काले झंडे भी दिखाए जाएंगे.''

गुरमान सिंह ने शुरू किया मिशन पंजाब

बता दें कि गुरनाम सिंह चढूनी ने पंजाब चुनाव के मद्देनज़र मिशन पंजाब का मुद्दा उठाया हुआ है. चढूनी का मानना है कि खेती के मुद्दों के अलावा पंजाब में बिजली, पानी और स्वास्थ्य जैसे मुद्दों को भी उठाया जाना चाहिए. गुरनाम सिंह अपने मिशन पंजाब को लेकर पंजाब में कई राजनीतिक मंचों से भाषण भी दे चुके हैं.

गुरनाम सिंह चढूनी ने हालांकि पंजाब की 32 यूनियनों के विरोध के जवाब में अभी तक कुछ नहीं कहा है. गुरनाम सिंह फिलहाल किसान आंदोलन का एक साल पूरा होने पर हरियाणा के अलग-अलग हिस्सों में जाकर बैठक कर रहे हैं. 

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