फरवरी 2027 में होने वाले पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले राज्य की सियासत में आज एक बड़ा उलटफेर देखने को मिला है. भारतीय जनता पार्टी ने विपक्षी खेमों में बड़ी सेंधमारी करते हुए चार दिग्गज राजनीतिक हस्तियों को पार्टी की सदस्यता दिलाई. शनिवार को चंडीगढ़ में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के दौरान इन नेताओं ने 'कमल' का दामन थामा.
बीजेपी में शामिल होने वाले चेहरों में सबसे प्रमुख नाम पूर्व कांग्रेस सांसद और अकाली नेता जगमीत सिंह बराड़ का है. उनके साथ ही उनके भाई और पूर्व कांग्रेस विधायक रिपजित सिंह बराड़, अकाली दल के पूर्व दिग्गज नेता चरणजीत सिंह बराड़ और मुख्यमंत्री भगवंत मान के पूर्व ओएसडी (OSD) प्रोफेसर ओंकार सिंह ने भी बीजेपी की सदस्यता ग्रहण की.
वरिष्ठ नेतृत्व की मौजूदगी में हुई जॉइनिंग
इन चारों नेताओं को हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, केंद्रीय रेल राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू, पंजाब बीजेपी अध्यक्ष सुनील जाखड़ और कार्यकारी अध्यक्ष अश्वनी शर्मा ने पटका पहनाकर पार्टी में शामिल करवाया.
नेताओं का सियासी सफर और कद
जगमीत सिंह बराड़: इन्होंने 1999 के लोकसभा चुनाव में सुखबीर सिंह बादल को फरीदकोट से हराकर देशभर में सुर्खियां बटोरी थीं. वे कांग्रेस वर्किंग कमेटी के सदस्य भी रह चुके हैं.
प्रो. ओंकार सिंह: मुख्यमंत्री भगवंत मान के बेहद करीबी माने जाने वाले ओंकार सिंह को अगस्त 2022 में ओएसडी नियुक्त किया गया था. उनका बीजेपी में आना 'आप' के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है.
चरणजीत सिंह बराड़: सुखबीर बादल के राजनीतिक सचिव रह चुके चरणजीत सिंह हाल ही में अकाली दल के बागी गुट के साथ थे, लेकिन अब उन्होंने बीजेपी के साथ नई पारी शुरू की है.
रिपजित सिंह बराड़: कोटकपूरा से पूर्व विधायक रिपजित बराड़ के आने से मालवा क्षेत्र में बीजेपी को मजबूती मिलने की उम्मीद है.
2027 की जंग हुई दिलचस्प
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इन कद्दावर नेताओं के आने से पंजाब में बीजेपी अब एक 'मजबूत विकल्प' के रूप में उभर रही है. चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस और अकाली दल के पुराने किलों को ढहाकर बीजेपी ने साफ कर दिया है कि 2027 की चुनावी जंग बेहद दिलचस्प होने वाली है.