PunjabAssemblyElection2022: पंजाब के चुनाव नजदीक है और हर सियासी पार्टी में दल बदल शुरू हो गया है. तीन कृषि कानून जैसे ही खत्म हुआ, बीजेपी ने पंजाब की सबसे बड़ी पार्टी अकाली दल को बड़ा झटका दिया. दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष मनजिंदर सिरसा बीजेपी में शामिल हो गए.

मनजिंदर सिरसा के बीजेपी पार्टी में शामिल होने पर अकाली दल को एक बड़ा झटका लगा है. इस के साथ ही शिरोमणि अकाली दल के प्रधान सुखबीर बादल ने बीजेपी पर तंज कसा है. उन्होंने कहा कि बीजेपी ने हमारे मेंबरों को टारगेट किया. सुखबीर बादल ने आगे कहा कि हम न तो कांग्रेस से डरे थे, न किसी और से डरेंगे. चंडीगढ पहुंचीं कांग्रेस की अलका लांबा ने भी इस पर अपनी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि ये राजनीति है. ऐसा पहली बार नहीं हुआ. इससे पहले भी हुआ और आगे भी होगा. ये फैसला तो जनता को करना है कि ये नेता आज यहां क्यों हैं और पहले किसी और पार्टी में क्यों थे. आपको बता दें कि अलका लांबा ने खुद आप पार्टी को छोड़कर कांग्रेस का हाथ थामा है.

बीजेपी में शामिल हुए अकाली दल के कई नेता 

इससे पहले बीजेपी ने शुक्रवार को भी अकाली दल के नेताओं को दिल्ली में अपनी पार्टी में शामिल किया. पंजाब के पूर्व विधायक और अकाली दल के नेता सरबजीत सिंह मक्कड़ ने भी बीजेपी का दामन थाम लिया है. उनके साथ पूर्व डीजीपी एसएस विरक ने भी बीजेपी ज्वाइन की है. मक्कड़ ने कहा कि वो बस इंतजार ही कर रहे थे कि खेती कानून रद हो और बीजेपी में शामिल हो पाएं.

कांग्रेस में भी शामिल हुए कई विधायक 

इधर, पंजाब कांग्रेस भी दूसरी पार्टियों के विधायकों को अपनी पार्टी में शामिल करने में पीछे नहीं है. आम आदमी पार्टी की बठिंडा देहाती से विधायक रूपिंदर कौर रूबी ने कांग्रेस का हाथ थामा है. रूपिंदर कौर ने अचानक 9 नवंबर की रात को ट्वीट करते हुए आप से इस्तीफा दिया और अगले ही दिन 10 नवंबर को पंजाब के सीएम चरनजीत सिंह चन्नी और नवजोत सिधु के साथ आकर कांग्रेस में शामिल होने का एलान किया. विधायक जगतार सिंह को नवजोत सिंह सिद्धू ने खुद मोगा में हुई रैली में पार्टी में शामिल कराया है.

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