पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने राज्य में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी की सरकार में मंत्री संजीव अरोड़ा के घर प्रवर्तन निदेशालय की छापेमारी का विरोध किया. इस दौरान एक प्रेस कांफ्रेंस में मान ने बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर गंभीर आरोप लगाए. 

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उन्होंने दावा किया कि चौधरी पर कत्ल के सात इल्जाम हैं और वह जेल गए थे. वह तीन बार अपनी उम्र बदल चुके हैं. ऐसे ही लोग बीजेपी को अच्छे लगते हैं. उन्होंने सवाल उठाया कि क्या ऐसे लोगों को आगे बढ़ाना सही है, जबकि विपक्ष पर एजेंसियों के जरिए दबाव बनाया जा रहा है.

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मान ने  केंद्र की एजेंसियों के इस्तेमाल पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि अगर भारतीय जनता पार्टी को 2027 के चुनाव की तैयारी करनी है तो उसे जनता के बीच जाना चाहिए, न कि प्रवर्तन निदेशालय (ED) और अन्य एजेंसियों के जरिए विपक्षी नेताओं को निशाना बनाना चाहिए. 

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गैर-BJP सरकारों को ही फंसाया जा रहा - मान

इसके साथ ही मान ने दावा किया कि पंजाब में चुनाव लड़ने के लिए भारतीय जनता पार्टी को उम्मीदवार नहीं मिल रहे हैं. उन्होंने कहा कि BJP को चुनाव लड़ने के लिए 117 लोग नहीं मिल रहे हैं. लोकतंत्र की हत्या हो रही है. सिर्फ गैर-BJP सरकारों को ही फंसाया जा रहा है.

इन सबके बीच अधिकारियों ने बताया कि प्रवर्तन निदेशालय (ED) गुड़गांव, चंडीगढ़, लुधियाना और जालंधर में विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA) के तहत 13 जगहों पर तलाशी ले रहा है. अधिकारियों के अनुसार, इन छापों में पंजाब के विधायक और मंत्री संजीव अरोड़ा, उनके कारोबारी साझेदार लुधियाना के हेमंत सूद और जालंधर के चंद्रशेखर अग्रवाल के आवास और दफ्तर शामिल हैं.