Chandigarh News: पंजाब के चंडीगढ़ में टीचरों को अब स्कूल के समय के दौरान निदेशालय के कार्यालय जाने की अनुमति नहीं होगी. यह फैसला शिक्षा विभाग ने लिया है. इसके पीछे विभाग का तर्क यह है कि इससे स्कूलों में विद्यार्थियों की पढ़ाई में बाधा आती है. इसलिए स्कूल के समय के दौरान ऐसे विज़िट कम करें, ताकि बच्चों की पढ़ाई का समय खराब न हो.

स्कूल के समय के बाद ही दफ्तर आएं

बता दें कि आदेश में यह लिखा है कि हमने देखा है कि बहुत से टीचर स्कूल के समय में दफ्तर आ जाते हैं. इससे स्कूल की पढ़ाई और काम में रुकावट आती है. सभी टीचरों और कर्मचारियों को सलाह दी जाती है कि वे स्कूल समय के दौरान दफ्तर न आएं. वे दफ्तर सिर्फ तभी आएं, अगर उन्हें बुलाया जाए. अगर कोई और काम है तो स्कूल के समय के बाद ही दफ्तर आएं. ये फैसला बच्चों की पढ़ाई में आ रही दिक्कत को लेकर किया गया है.

दफ्तरों में लंबा समय रहते हैं कर्मचारी 

रिपोर्टों के मुताबिक, परीक्षाओं को कुछ ही समय रह गया है. ऐसी स्थिति में विभाग स्कूलों में विद्यार्थियों की पढ़ाई में बाधा नहीं डालना चाहता. इसके अलावा, बहुत से कर्मचारी दफ्तरों में लंबा समय रहते हैं, जिससे स्कूल के काम पर भी असर पड़ता है और साथ ही दिसंबर के लास्ट में विंटर ब्रेक आ जाते हैं. फिर फरवरी से बच्चों के एग्जाम शुरू हो जाते हैं. इसी को देखते हुए शिक्षा विभाग ने यह फैसला लिया है कि टीचरों को अब स्कूल के समय के दौरान निदेशालय के कार्यालय जाने की अनुमति नहीं होगी. 

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