पंजाब के मानसा में एंटी-ड्रग एक्टिविस्ट परविंदर सिंह झोटा की हत्या का मामला तूल पकड़ता जा रहा है. मानसा पुलिस ने फिर से परविंदर के परिवार से बात कर पोस्टमार्टम की इजाजत लेने की कोशिश की, लेकिन परिवार ने मना कर दिया. ऐसे में फिर से पोस्टमार्टम और अंतिम संस्कार को लेकर सहमति नहीं बन पाई है. डीआईजी हरजीत सिंह ने परिवार से मुलाकात की थी.
परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड में थाना सिटी-2 एसएचओ को लाइन हाजिर किया गया है. वहीं, डीएसपी के खिलाफ कार्रवाई पुलिस मुख्यालय स्तर पर होगी. यह जानकारी एसएसपी वैभव चौधरी ने दी है.
तीन बार रद्द हो चुका है दवा दुकान का लाइसेंस
मानसा हत्याकांड के मुख्य आरोपी अश्वनी कुमार को लेकर पुलिस जांच में बड़ा खुलासा हुआ है. मानसा में जिस दुकान पर एंटी ड्रग एक्टिविस्ट परविंदर सिंह झोटा पर फायरिंग हुई वह असल में मुख्य आरोपी अश्विनी कुमार की पत्नी नीलम रानी के नाम पर है. पत्नी को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. नीलम रानी के पास फार्मासिस्ट का लाइसेंस है. 'हैबिट फॉर्मिंग ड्रग्स' बेचने के इल्जाम में इस दुकान का पहले भी तीन बार लाइसेंस रद्द हुआ था.
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भारत बंद की तस्वीरें
'परविंदर के परिवार से सकारात्मक बात'
बठिंडा रेंज के DIG हरजीत सिंह ने परविंदर सिंह झोटा के परिवार वालों से मुलाकात की. मिलने के बाद DIG ने जानकारी दी, "हम उनके लगातार संपर्क में हैं और सब कुछ शांतिपूर्ण है. जैसा कि आपने समिति के सदस्यों को कहते सुना, बातचीत अच्छी रही और सभी बिंदुओं पर सहमति बन गई है. उनकी कुछ मांगें हैं, जो उन्होंने कल शाम रखी थीं. अभी इस स्तर पर मैं कुछ भी पहले से नहीं कह सकता, लेकिन हमारी बातचीत अच्छी रही. दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और जल्द ही उन्हें कोर्ट में पेश किया जाएगा."ॉ
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