Pahalgam Terror Attack: कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत सरकार द्वारा जारी किए आदेश के बाद अटारी सरहद के रास्ते पाकिस्तानी सीमा पार जा रहे हैं. इनमें कई ऐसे लोग हैं जो अपनों से बिछड़कर हिंदुस्तान से पाकिस्तान जा रहा हैं. कोई अपने पति से अलग हो रहा है तो किसी का मासूम बच्चा उससे अलग हो रहा है.
दरअसल, दिल्ली के रहने वाले शाबाज ने बताया कि उनकी शादी दस साल पहले पाकिस्तान की इरम से हुई थी और उनका 9 साल का बेटा है. उनकी पत्नी और बेटा कई साल बाल सात दिन पहले भारत आए थे लेकिन आज दोनों देशों के बीच संबंध खराब होने के कारण उनकी पत्नी को पाकिस्तान जान पड़ रहा है, क्योंकि उनका पासपोर्ट पाकिस्तान का है और उनके बेटे का पासपोर्ट भारतीय होने के कारण बेटा मेरे पास रहेगा.
'मुझे अपने बेटे और पति से दूर जाना पड़ रहा'शाबाज ने आगे बताया कि मेरे माता पिता नहीं है मैं अपने बेटे को अकेला कैसे संभाल पाऊंगा यह मेरे लिए मुश्किल समय आने वाला है कि मैं अपने काम पर जाऊंगा या अपने बेटे की देखभाल करूंगा. वहीं शाबाज की पत्नी और पाकिस्तानी नागरिक का कहना है कि जिन लोगों ने पहलगाम में निर्दोष लोगों की हत्या की है उनके कारण भुगतना मेरी जैसी मां और पत्नी को पड़ रहा है. सरकार उनके किए की सजा उन्हें दे, लेकिन मेरे जैसी मां का क्या कसूर जो आज मुझे अपना बेटे और पति से दूर किया जा रहा है.
गर्भवती महिला को लौटना पड़ रहा पाकिस्तानवहीं एक और परिवार की भी ऐसी ही दास्तां है जो दिल्ली का ही रहने वाला है. यहां के रिजवान की शादी पाकिस्तान की नागरिक समरीन से हुई थी. समरीन के पास भी पाकिस्तानी पासपोर्ट है और उसने वीजा अप्लाई भी किया हुआ है, लेकिन नियमों के अनुसार उसे पाकिस्तान लौटना पड़ेगा.
समरीन ने रोते हुए बताया कि वह गर्भवती है और अपने पति से दूर नहीं जाना चाहती है, लेकिन पहलगाम की घटना के बाद जो हालात बने हैं और दोनों देशों के बीच पैदा हुए तनाव के चलते जो फैसले दोनों देशों ने लिए है उसके कारण उसे इस हालात में अपने पति से दूर जाना पड़ रहा है.
'ये हमारे लिए मुश्किल वक्त'वहीं रिजवान का कहना है कि यह उनके लिए मुश्किल समय है, लेकिन सरकार को भी चाहिए कि ऐसे केस में कुछ राहत दी जाए, क्योंकि हम दोनों माता पिता बनने वाले हैं एक साथ रहना चाहते थे.
वापस लौट रहे पाकिस्तानीबता दें कि पाकिस्तान जाने वालों की सभी कैटेगरी की मंगलवार (29 अप्रैल) आखिरी तारीख होने के कारण पाकिस्तानी नागरिकों की भीड़ बढ़नी शुरू हो गई है. इसमें डिप्लोमेट अधिकारी भी आज पाकिस्तान लौट रहे है हालांकि उनके द्वारा मीडिया से कुछ बात नहीं की गई बस यही बताया कि वह डिप्लोमेट अधिकारी है और वापिस पाकिस्तान जा रहे हैं.
मंगलवार (29 अप्रैल) को पाकिस्तान लौटने वाले सभी पहलगाम हत्याकांड के आरोपियों को कोसते हुए उनके लिए मिसाली सजा की मांग कर रहे है कि उनके कारण हजारों लोग परेशान हो रहे हैं और कई परिवार इसी टूट जाएंगे.
(अमृतसर से गगनदीप सिंह की रिपोर्ट)