LPG संकट के बीच पंजाब में कटे 10 हजार बिजली कनेक्शन, विभाग ने डिफॉल्टरों से वसूले 249 करोड़
Ludhiana News: पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन (PSPCL) ने चीफ इंजीनियर जगदेव सिंह हंस की अगुवाई में डिफॉल्टर उपभोक्ताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए बकाया बिल वसूली और कनेक्शन काटने की पहल की.

Ludhiana News: एलपीजी संकट के बीच पंजाब वासियों में इस समय बिजली विभाग की कार्रवाई को लेकर हलचल मची हुई है. पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन (PSPCL) के सेंट्रल जोन के चीफ इंजीनियर जगदेव सिंह हंस की अगुवाई में विभाग ने डिफॉल्टर उपभोक्ताओं के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है. मार्च महीने के पहले 10 दिनों में ही विभाग ने 1,14,916 उपभोक्ताओं के खिलाफ एक्शन लेते हुए 249.05 करोड़ रुपये की जबरदस्त रिकवरी करके एक नया रिकॉर्ड कायम किया है.
विभाग की कार्रवाई का असर शहरी और ग्रामीण दोनों इलाकों में दिखा. शहर की 9 डिवीजनों- सुंदर नगर, सी. एम. सी., सिटी सेंटर, फोकल पॉइंट, जनता नगर, सिटी वेस्ट, अगर-नगर, मॉडल टाउन और एस्टेट डिवीजन—में कड़ी कार्रवाई की गई. इसके अलावा अड्डा दाख़ा, मुल्लांपुर, जगराओं, रायकोट, ललतों, मंडी अहमदगढ़, खन्ना, दोराहा, सरहिंद और अमलोह जैसे सब-अर्बन इलाकों में भी टीम ने डिफॉल्टरों के खिलाफ अभियान चलाया.
जानें कितने कनेक्शन काटे गए?
1 से 10 मार्च के दौरान लगभग 10,000 डिफॉल्टरों के कनेक्शन काटे गए, जबकि बाकी उपभोक्ताओं से बकाया राशि वसूली गई. कार्रवाई के दौरान देखा गया कि कई उपभोक्ता सिफारिशें या किश्तों में बिल भरने के बहाने बनाकर कार्रवाई को रोकने की कोशिश करते थे.
इस अभियान के पीछे चीफ इंजीनियर जगदेव सिंह हंस का नेतृत्व था, जिसमें ईस्ट सर्कल के डिप्टी चीफ इंजीनियर सुरजीत सिंह और वेस्ट सर्कल के डिप्टी चीफ इंजीनियर कुलविंदर सिंह शामिल थे. उन्होंने एस. डी. ओज़ के माध्यम से लुधियाना जिले के शहरी और ग्रामीण इलाकों में आक्रामक तेवर अपनाए.
चीफ इंजीनियर ने उपभोक्ताओं से की अपील
चीफ इंजीनियर जगदेव सिंह हंस ने कहा कि विभाग ने पहले किश्तों की सुविधा भी दी थी. उन्होंने उपभोक्ताओं से अपील की कि कोई भी परेशानी से बचने के लिए खुद आगे आएं और अपने बकाया बिल जमा करवाएं.
Source: IOCL


























