25 लाख का जुर्माना और आजीवन कारावास, पंजाब में गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी पर पास हुआ बिल
Punjab News: गुरु ग्रंथ साहिब की पवित्रता को बनाए रखने के लिए 10 साल से लेकर उम्रकैद तक की कड़ी सज़ा का प्रस्ताव है. साथ ही इसमें 5 लाख रुपये से लेकर 25 लाख रुपये तक के जुर्माने का भी प्रस्ताव है.

पंजाब विधानसभा में गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी करने वालों को सख्त सजा दिलाने के लिए 'जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार अमेंडमेंट बिल 2026' पंजाब विधानसभा में पारित हो गया है. इस बिल में गुरु ग्रंथ साहिब के अपमान (बेअदबी) के किसी भी कृत्य के लिए आजीवन कारावास का भी प्रस्ताव रखा गया है.
बिल में गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी करने वालों को कम से कम 10 साल कैद और अधिकतम उम्र कैद की सजा का प्रावधान है. अपराधी को कम से कम 5 लाख रुपए जुर्माना और अधिकतम 25 लाख रुपए जुर्माने का प्रावधान भी है.
बेअदबी के खिलाफ नहीं थे प्रावधान
2008 में पारित जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार एक्ट में गुरु ग्रंथ साहिब की छपाई और रख रखाव को लेकर प्रावधान थे मगर बेअदबी के खिलाफ इसमें प्रावधान नहीं थे. इसमें गुरु ग्रंथ साहिब की छपाई और रख रखाव को लेकर बने नियमों का उल्लंघन करने पर अधिकतम दो साल की सजा और 50 हजार रुपए जुर्माने का प्रावधान था.मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बिल विधानसभा में पेश किया जिसके ऊपर बहस हुई और अलग अलग राजनीतिक दलों के विधायकों ने अपना पक्ष रखा.
पहले बिल जैसा न हो हाल- कांग्रेस
नेता विपक्ष और कांग्रेस नेता प्रताप सिंह बाजवा ने कहा कि कहीं ऐसा न हो इस बिल का हश्र भी पहले विधानसभा में पारित हुए बिलों की तरह हो जिसमें गुरु ग्रंथ साहिब और अन्य धर्मों के धार्मिक ग्रंथों की बेअदबी करने वालों को सजा का प्रावधान था मगर उन्हें राष्ट्रपति की मंजूरी ही नहीं मिली.
पहले नहीं मिली थी राष्ट्रपति से मंजूरी
शिरोमणि अकाली दल और बीजेपी गठबंधन की सरकार के वक्त 2016 में गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी करने वालों को सजा दिलाने के लिए IPC में संशोधन के लिए बिल 2016 में विधानसभा में पारित हुआ था मगर उसे राष्ट्रपति से मंजूरी नहीं मिली थी.
वहीं कैप्टन अमरिंदर सिंह की अगुआई वाली कांग्रेस सरकार के वक्त भी 2018 में गुरु ग्रंथ साहिब, भगवद गीता, बाइबल और कुरान की बेअदबी करने वालों को सजा दिलाने के IPC में संशोधन का बिल पंजाब विधानसभा में पारित हुआ था मगर उसे भी राष्ट्रपति से मंजूरी नहीं मिली.
विपक्ष जनता को कर रहा गुमराह- हरपाल चीमा
हालांकि वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बहस में भाग लेते हुए कहा कि विपक्ष जनता को ये कह कर गुमराह कर रहा है कि इस बिल को राष्ट्रपति की मंजूरी नहीं मिलेगी. उन्होंने कहा कि आज का बिल 2008 में पारित हुए बिल में महज संशोधन है इसलिए इसे राज्यपाल से मंजूरी मिल जाएगी और बहुत सारे राज्यों ने अपने कानून इस संबंध में बना रखे हैं.
पिछली सरकारों की ठीक नहीं थी मंशा- आप
चीमा ने कहा कि पिछली सरकारों ने जो कोशिश गुरु ग्रंथ साहिब और अन्य धर्म ग्रंथि की बेअदबी करने वालों को सजा दिलाने के लिए IPC में संशोधन करके की थी उसमें उनकी मंशा ठीक नहीं थी इसीलिए इसे राष्ट्रपति से मंजूरी नहीं मिली.
पहले जानबूझकर रखी गईं कमजोर कड़ियां- सीएम मान
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बहस के दौरान कहा कि पहले जब भी कोशिश इस तरह का कानून बनाने कि की गई तो जानबूझ कर कमजोर कड़ियां रख दी जाती थीं जिससे इसे मंजूरी नहीं मिलती थी मगर अब इसे जरूरी मंजूरी मिलेगी.
हालांकि विपक्ष ने बहस के दौरान "पंजाब पवित्र धार्मिक ग्रंथों के खिलाफ होने वाले अपराधों के खिलाफ बिल 2025" का बार बार जिक्र किया और कहा कि ये बिल पहले से विधानसभा की सेलेक्ट कमेटी के पास है जिसमे सभी धर्मों के धार्मिक ग्रंथों की बेअदबी करने वालों का सजा का प्रावधान है तो सरकार उस बिल की स्थिति स्पष्ट करे.




















